Category Archives: आयुर्वेद

आंखों की बीमारी और बचने के उपाए

Eyes (आँखों) से सम्बन्धित बीमारियाँ आज सभी को होरही हें आज हर दुसरे तीसरे आदमीं को आँखों से सम्बन्धित बिमारियों से झुझना पड़ता हे आँखों में होने वाली बिमारियों में Pollution (प्रदुषण) का भी काफी योगदान हे, प्रदुषण के कारण आज इन्सान हो या कोई जिव जन्तु सभी को काफी गम्भीर प्रणाम भुक्त्ने पड़ें हे, Birds (पक्षियों) की तो काफी सारी प्रजातियाँ विलुप हो चुकी हें और होने की कगार पर हे,

आँखें हमारे शरीर में इश्वर की सुंदर रचना हे, आँखों के कारण ही हमं Nature (प्रक्रति) के सुंदर नजारों को देख पाते हें, इसलिए हमें अपनी Eyes को बिमारियों से बचाना चाहिए , आजकल बच्चों को Eyes Disease बहूत हो रही हे, बच्चों को ये बीमारियाँ सिर्फ इसलिए हो रही हें क्योंकि आज बच्चे दिनभर Television देखते हें, गलत भोजन करते हें जेसे चोमिन, Burger, Pizza, ETC. Parents को भी अपने बच्चों को इन गलत खान पान के बारे में बताना चाहिए बचपन से ही उन्हें जागरूक किया जाये तो वो इन गलत खान पान में नही पड़ेंगे 

आज में आपको इस Article में एसे Ayurvedic Tips बताऊंगा जो आँखों के लिए काफी फायेदेमंद साबित होंगे 

1- Madar Plant – आक का पोधा

आक एक एसा पोधा हे जो लगभग सभी शेत्रों में पाया जाता हे, ज्यादातर इन्सान ये ही मानता हे की आक का पोधा जेहरिला होता हे और ये इन्सान के लिए घातक होता हे, इसमें कुछ सच्चाई जरुर हे क्योंकि Ayurvedic संहिताओं में इसकी गणना उपविषों में की गयी हे यदि इसका सेवन अधिक मात्रा में करलिया जाये तो उलटी दस्त होकर मनुष्य यमराज के घर जासकता हे, इसके विपरीत यदि इसका सेवन उचित मात्रा में योग्य वेध की निगरानी में किया जाये तो इसका काफी अच्छा फायेदा होता हे, 
आँखों के लिए आक के ओषधिय प्रयोग 
1-  आक की छाल सुखी 1 ग्राम कूटकर, 20 ग्राम गुलाबजल में 5 मिनट तक रख कर छानलें बूंद बूंद आँखों में डालने से नेत्र की लाली, भारीपन, दर्द, और खुजली दूर होते हें ( सावधानी 3 बूंद से अधिक ना डालें)

2- आक की छाल को जलाकर कोयला करलें और इसे थोड़े पानी में घिसकर नेत्रों के चरों और तथा पलकों पर धीरे धीरे मलते हुए लेप करें, नेत्रों की लाली, खुजली, पलकों की सुजन आदि मिटती हे 

3- आँखें दुखनी आने पर यदि सीधी तरफ की आँख दुखती हो तो उलटे पैर का अंगूठा यदि उलटी तरफ की आँख दुखती हो तो सीधे पैर के अंगूठे को आक के दूध से तर कर लें.

2- Indian Gooseberry ,  Emblic Myrobalan – आवला 

आंवले का पेड़ पुरे भारत में सर्वत्र मिलता हे, आंवले को गुणों की खान भी कहा जाता हे, बागों में लगाए जाने वाले आंवले के फल बड़े और जंगली आंवले के फल छोटे होते हें, आंवले के पेड़ की पत्तियां इमली के पेड़ की पत्तियों के जेसी होती हें आंवला रसायन द्रव्यों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता हे 
आंवले में Vitamin c प्रचुर मात्रा में पाया जाता हे 

आँखों के लिए Gooseberry (आंवले) के ओषधिय प्रयोग 
1- 20 से 50 ग्राम आंवले के फूलों को कूट कर आधा किलो पानी में 2 घंटे तक उबालकर उस जल को छानकर दिन में 3 बार डालने से आँखों में बहूत लाभ होता हे 
2- 7 ग्राम आंवले कूट कर ठंडे पानी में तर करले 2 से 3 घंटो बाद उन आंवलों को निचोड़ कर फेक डे और उस जल में फिर दुसरे आंवले भिगोदें 2- 3 घंटे बाद उनको भी निचोड़कर फ़ेंक दें, इस प्रकार तिन चार बार करके उस पानी को आँखों में डालना चाहिए इससे आँखों की फूली मिटती हे.
3- आंवले का रस सुबह खाली पेट और शाम को सोते वक्त पिने से भी नेत्र रोगों में सुधर होता हे.
4- जब भी सब्जी बनाएं तो आंवले को सब्जी में डालदें और भोजन करने के बाद उस आंवले को खाले.
3- Pomegranate – अनार 
पुरे भारत में अनार के पेड़ पाए जाते हें, स्वाद के अनुसार अनार की 3 किस्में होती हें, भारत के अनार खट्टे मीठे होते हें , जबकि काबुल और कंधार के अनार मीठे होते हें, अनार का केवल फल ही नही बल्कि पूरा अनार का पेड़ ही गुणों की खान हे फल के बजाये कली और छिलके में अधिक ओषधियों गुण पाए जाते हें.
आँखों के लिए Pomegranate (अनार) के ओषधिय गुण 
1- अनार के 6 पत्तों को पानी में पिस कर दिन में 2 बार लेप करें और पत्तों को पानी में भिगो कर कपड़े में बांध कर आँखों पर फेरने से दुखती आँखों में लाभ मिलता हे.

2- अनार के 10 ताजे पत्तों का रस खरल में डाल कर शुष्क हो जाने पर कपड़े में छान कर रखदें, परतें सांय सलाई द्वारा लगायें इससे खुजली पलकों की खराबी नेत्रों के कई रोग खत्म होते हें 

अब कुछ एसी बातें जिनमें किसी ओषधि का प्रयोग नही होता परन्तु इनके फायेदे बहूत होते हें 
  • जब भी आँखें धोएं तो पहले मुह में पानी भरलें फिर आँखे बंद करलें और आँखों पर ठंडे पानी के छीटें मारें
  • रोज सुबह हाथो की हतेलियों को अच्छे से रगड़ें और आँखों पर लगालें.
  • एक कटोरी में ठंडा पानी डाललें फिर आँख को खोल कर उस पानी में डुबोलें फिर दायें बाएं उपर निचे घुमालें फिर दूसरी आँख से भी ये ही करें इससे आँखों को काफी फायेदा मिलता हे आँखें ठंडी होजाती हें.
  • सर्दियों में रोज गाजर का जूस पिएं आँखों की रोशनी ठीक करने में काफी साहयक हें 
  • रोज सुबह exercise  करें 

Note:- यंहा पर दिए गए किसी भी Ayurvedic नुस्खे का प्रयोग करने से पहले किसी योग्य वेध की सलहा अवश्य लें, क्योंकि Ayurvedic दवाओं का प्रयोग किसी वेध की निगरानी में ही करना चाहिए अन्यथा हानि भी होसकती हे हमारा मकसद लोगों को जानकारी देना हे हानी पोहचना नही किर्पया किसी वेध से सलहा अवश्य लें.

nalanda vishwavidyalaya को क्यों जलाया गया था..? जानिए सच्चाई …?? मुस्लिम लुटेरों का घिर्णित काम

नालंदा विश्वविद्यालयन को क्यों जलाया गया था..? जानिए सच्चाई ...?? ____________________________________________________  एक सनकी और चिड़चिड़े स्वभाव वाला तुर्क लूटेरा था....बख्तियार खिलजी. इसने ११९९ इसे जला कर पूर्णतः नष्ट कर दिया। उसने उत्तर भारत में बौद्धों द्वारा शासित कुछ क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया था. एक बार वह बहुत बीमार पड़ा उसके हकीमों ने उसको बचाने की पूरी कोशिश कर ली ... मगर वह ठीक नहीं हो सका. किसी ने उसको सलाह दी... नालंदा विश्वविद्यालय के आयुर्वेद विभाग के प्रमुख आचार्य राहुल श्रीभद्र जी को बुलाया जाय और उनसे भारतीय विधियों से इलाज कराया जाय उसे यह सलाह पसंद नहीं थी कि कोई भारतीय वैद्य ... उसके हकीमों से उत्तम ज्ञान रखते हो और वह किसी काफ़िर से .उसका इलाज करवाए फिर भी उसे अपनी जान बचाने के लिए उनको बुलाना पड़ा उसने वैद्यराज के सामने शर्त रखी... मैं तुम्हारी दी हुई कोई दवा नहीं खाऊंगा... किसी भी तरह मुझे ठीक करों ... वर्ना ...मरने के लिए तैयार रहो. बेचारे वैद्यराज को नींद नहीं आई... बहुत उपाय सोचा... अगले दिन उस सनकी के पास कुरान लेकर चले गए.. कहा...इस कुरान की पृष्ठ संख्या ... इतने से इतने तक पढ़ लीजिये... ठीक हो जायेंगे...! उसने पढ़ा और ठीक हो गया .. जी गया... उसको बड़ी झुंझलाहट हुई...उसको ख़ुशी नहीं हुई उसको बहुत गुस्सा आया कि ... उसके मुसलमानी हकीमों से इन भारतीय वैद्यों का ज्ञान श्रेष्ठ क्यों है...! बौद्ध धर्म और आयुर्वेद का एहसान मानने के बदले ...उनको पुरस्कार देना तो दूर ... उसने नालंदा विश्वविद्यालय में ही आग लगवा दिया ...पुस्तकालयों को ही जला के राख कर दिया...! वहां इतनी पुस्तकें थीं कि ...आग लगी भी तो तीन माह तक पुस्तकें धू धू करके जलती रहीं उसने अनेक धर्माचार्य और बौद्ध भिक्षु मार डाले. आज भी बेशरम सरकारें...उस नालायक बख्तियार खिलजी के नाम पर रेलवे स्टेशन बनाये पड़ी हैं... ! उखाड़ फेंको इन अपमानजनक नामों को... मैंने यह तो बताया ही नहीं... कुरान पढ़ के वह कैसे ठीक हुआ था. हम हिन्दू किसी भी धर्म ग्रन्थ को जमीन पर रख के नहीं पढ़ते... थूक लगा के उसके पृष्ठ नहीं पलटते मिएँ ठीक उलटा करते हैं..... कुरान के हर पेज को थूक लगा लगा के पलटते हैं...! बस... वैद्यराज राहुल श्रीभद्र जी ने कुरान के कुछ पृष्ठों के कोने पर एक दवा का अदृश्य लेप लगा दिया था... वह थूक के साथ मात्र दस बीस पेज चाट गया...ठीक हो गया और उसने इस एहसान का बदला नालंदा को नेस्तनाबूत करके दिया

 एक सनकी और चिड़चिड़े स्वभाव वाला तुर्क लूटेरा था….बख्तियार खिलजी.
इसने ११९९ इसे जला कर पूर्णतः नष्ट कर दिया।
उसने उत्तर भारत में बौद्धों द्वारा शासित
कुछ क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया था.
एक बार वह बहुत बीमार पड़ा उसके हकीमों ने
उसको बचाने की पूरी कोशिश कर ली …
मगर वह ठीक नहीं हो सका.
किसी ने उसको सलाह दी…
नालंदा विश्वविद्यालय के आयुर्वेद विभाग के
प्रमुख आचार्य राहुल श्रीभद्र
जी को बुलाया जाय और उनसे भारतीय
विधियों से इलाज कराया जाय
उसे यह सलाह पसंद नहीं थी कि कोई भारतीय
वैद्य …
उसके हकीमों से उत्तम ज्ञान रखते हो और
वह किसी काफ़िर से .उसका इलाज करवाए
फिर भी उसे अपनी जान बचाने के लिए
उनको बुलाना पड़ा
उसने वैद्यराज के सामने शर्त रखी…
मैं तुम्हारी दी हुई कोई दवा नहीं खाऊंगा…
किसी भी तरह मुझे ठीक करों …
वर्ना …मरने के लिए तैयार रहो.
बेचारे वैद्यराज को नींद नहीं आई… बहुत
उपाय सोचा…
अगले दिन उस सनकी के पास कुरान लेकर
चले गए..
कहा…इस कुरान की पृष्ठ संख्या … इतने से
इतने तक पढ़ लीजिये… ठीक हो जायेंगे…!
उसने पढ़ा और ठीक हो गया ..
जी गया…
उसको बड़ी झुंझलाहट
हुई…उसको ख़ुशी नहीं हुई
उसको बहुत गुस्सा आया कि … उसके
मुसलमानी हकीमों से इन भारतीय
वैद्यों का ज्ञान श्रेष्ठ क्यों है…!
बौद्ध धर्म और आयुर्वेद का एहसान मानने
के बदले …उनको पुरस्कार देना तो दूर …
उसने नालंदा विश्वविद्यालय में ही आग
लगवा दिया …पुस्तकालयों को ही जला के
राख कर दिया…!
वहां इतनी पुस्तकें थीं कि …आग
लगी भी तो तीन माह तक पुस्तकें धू धू करके
जलती रहीं
उसने अनेक धर्माचार्य और बौद्ध भिक्षु मार
डाले.
आज भी बेशरम सरकारें…उस नालायक
बख्तियार खिलजी के नाम पर रेलवे स्टेशन
बनाये पड़ी हैं… !
उखाड़ फेंको इन अपमानजनक नामों को…
मैंने यह तो बताया ही नहीं… कुरान पढ़ के वह
कैसे ठीक हुआ था.
हम हिन्दू किसी भी धर्म ग्रन्थ को जमीन पर
रख के नहीं पढ़ते…
थूक लगा के उसके पृष्ठ नहीं पलटते
मिएँ ठीक उलटा करते हैं….. कुरान के हर पेज
को थूक लगा लगा के पलटते हैं…!
बस…
वैद्यराज राहुल श्रीभद्र जी ने कुरान के कुछ
पृष्ठों के कोने पर एक दवा का अदृश्य लेप
लगा दिया था…
वह थूक के साथ मात्र दस बीस पेज चाट
गया…ठीक हो गया और उसने इस एहसान
का बदला नालंदा को नेस्तनाबूत करके दिया

pomegranate (अनार) से नकसीर का इलाज

Bharat में Pomegranate (अनार) के पेड़ हर तरफ पाए जाते हें नकसीर में इसके ओश्धिये गुण इस प्रकार हें 
anaar (अनार) के  ओशधिये  प्रयोग

1:- Pomegranate (अनार) की कली जो निकलती हुई हवा के झोके से निचे गिर पडती हे, इसका रस 1. 2 बूंद नाक में टपकाने से या सुंघाने से नाक से खून बहना बंद हो जाता हे यह नकसीर की आती उतम ओषधि हे

2:- Pomegranate (अनार) के छिलके को छुहारे के पानी के साथ पिस कर लेप करने से सुजन में तथा इसके शुष्क महीन चूर्ण का नस्य   लेने से नकसीर में लाभ होता हे

3:- दोष सभी प्रकार के अनार शीत प्रक्रति वालों के लिए अहितकारी हें

Ayurveda..उरद की दाल से बना दही वड़ा ।

उरद की दाल से बना दही वड़ा । ______________________  मित्रो आयूर्वेद के अनुसार कभी भी दो विरुद्ध वस्तूये एक साथ नहीं खानी चाहिए ।  विरुद्ध वस्तुओ से अभिप्राय ऐसी वस्तूए जिनका गुण - धर्म अलग हो ।  ऐसी कुछ 103 चीज़े आयूर्वेद में बाताई गई है । जो एक साथ कभी नहीं खानी चाहिए ।    उदाहरण के लिये प्याज और दूध कभी एक साथ न खाये ।  एक दुसरे के जानी दुशमन हैं । इसको खाने से सबसे ज्यादा चमड़ी के रोग आपको होगें दाद,खाज ,खुजली,एगसिमा ,सोराईसिस, आदि ।  ऐसी ही कटहल (jack fruit )और दूध कभी न खाये । ये भी जानी दुश्मन हैं ।  ऐसे ही खट्टे फ़ल जिनमे सिट्रिक ऐसिड होता है कभी न खायें । एक सिट्रिक ऐसिड तो इनसान का बनाया है एक भगवान का बनाया है । जैसे संतरा । कभी दूध के साथ न खाये ।  आयुर्वेद के अनुसार अगर कोई खट्‌टा फ़ल दूध के साथ खाने वाला है वो एक ही है आवला । आवला दूध के साथ जरुर खाये ।  इसी तरह शहद और घी कभी भी एक साथ न खायें ।  आम की दोस्ती दूध से जबरद्स्त हैं लेकिन खट्टे आम की नहीं |इसलिये मैग़ो शेक पी रहे है तो ध्यान रखे आम खट्‌टा ना हो । ।  ऐसी ही उरद की दाल और दही एक दुसरे के जानी दुशमन हैं । उरद की दाल पर भारत में जितनी रिसर्च हो चुकी हैं तो ये पता लगा ये दालो की राजा है । हमेशा अकेले ही खाये दही के साथ तो भूल कर भी ना खाये ।   आप इसका अपने शरीर पर परिकक्षण करे । एक खाने से पहले अपना b.P चैक करें । फ़िर उरद की दाल और दही खाये । आप पायेगें 22 से 25 % आपका B.P बढ़ा हुआ होगा । अर्थात ये अगर रोज रोज आप उरद की दाल , दही खा रहें है तो 5,6 महीने में हार्ट अटैक आ ही जायेगा ।  इसका मतलब (दही वाड़ा ) कभी नहीं । क्योंके दही वाड़ा मे अगर वाड़ा उरद की दाल का बना हैं । और आप उसे दही के साथ खा रहें है तो बहुत तकलीफ़ करने वाला है ।  हां अगर आपको खाना है तो जरुर खायें लेकिन दही के साथ नहीं चटनी के साथ खायें ।   इस लिये अगर घर में विवाह है तो मीनो बनाते समय जरुर ध्यान रखें । उरद की दाल का वड़ा दही के साथ परोस कर दोहरे पाप के भागी न बने । क्योंके आतिथि देवो भव । मेहमान भगवान का रुप हैं । उसके हनिकारक वास्तुये न खिलाये ।  या वो वड़ा मूंग की दाल का बनवाये । उरद की दाल का है तो दही के साथ नहीं चटनी के साथ खाये ।  धन्यवाद जरुर शेयर करें ।  must must click here !!  http://www.youtube.com/watch?v=YI5XgzMvSU0  वन्देमातरम !!!
उरद की दाल से बना दही वड़ा ।
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मित्रो Ayurveda के अनुसार कभी भी दो विरुद्ध वस्तूये एक साथ नहीं खानी चाहिए ।

विरुद्ध वस्तुओ से अभिप्राय ऐसी वस्तूए जिनका गुण – धर्म अलग हो ।

ऐसी कुछ 103 चीज़े आयूर्वेद में बाताई गई है । जो एक साथ कभी नहीं खानी चाहिए ।

उदाहरण के लिये प्याज और दूध कभी एक साथ न खाये ।

एक दुसरे के जानी दुशमन हैं । इसको खाने से सबसे ज्यादा चमड़ी के रोग आपको
होगें दाद,खाज ,खुजली,एगसिमा ,सोराईसिस, आदि ।

ऐसी ही कटहल (jack fruit )और दूध कभी न खाये । ये भी जानी दुश्मन हैं ।

ऐसे ही खट्टे फ़ल जिनमे सिट्रिक ऐसिड होता है कभी न खायें । एक सिट्रिक
ऐसिड तो इनसान का बनाया है एक भगवान का बनाया है । जैसे संतरा । कभी दूध
के साथ न खाये ।

आयुर्वेद के अनुसार अगर कोई खट्‌टा फ़ल दूध के साथ खाने वाला है वो एक
ही है आवला । आवला दूध के साथ जरुर खाये ।

इसी तरह शहद और घी कभी भी एक साथ न खायें ।

आम की दोस्ती दूध से जबरद्स्त हैं लेकिन खट्टे आम की नहीं |इसलिये मैग़ो
शेक पी रहे है तो ध्यान रखे आम खट्‌टा ना हो । ।

ऐसी ही उरद की दाल और दही एक दुसरे के जानी दुशमन हैं ।
उरद की दाल पर भारत में जितनी रिसर्च हो चुकी हैं तो ये पता लगा ये दालो
की राजा है । हमेशा अकेले ही खाये दही के साथ तो भूल कर भी ना खाये ।

आप इसका अपने शरीर पर परिकक्षण करे । एक खाने से पहले अपना b.P चैक करें
। फ़िर उरद की दाल और दही खाये । आप पायेगें 22 से 25 % आपका B.P बढ़ा हुआ
होगा । अर्थात ये अगर रोज रोज आप उरद की दाल , दही खा रहें है तो 5,6
महीने में हार्ट अटैक आ ही जायेगा ।

इसका मतलब (दही वाड़ा ) कभी नहीं ।
क्योंके दही वाड़ा मे अगर वाड़ा उरद की दाल का बना हैं । और आप उसे दही के
साथ खा रहें है तो बहुत तकलीफ़ करने वाला है ।

हां अगर आपको खाना है तो जरुर खायें लेकिन दही के साथ नहीं चटनी के साथ खायें ।

इस लिये अगर घर में विवाह है तो मीनो बनाते समय जरुर ध्यान रखें । उरद की
दाल का वड़ा दही के साथ परोस कर दोहरे पाप के भागी न बने ।
क्योंके आतिथि देवो भव । मेहमान भगवान का रुप हैं । उसके हनिकारक
वास्तुये न खिलाये ।

या वो वड़ा मूंग की दाल का बनवाये । उरद की दाल का है तो दही के साथ नहीं
चटनी के साथ खाये ।

धन्यवाद जरुर शेयर करें ।

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वन्देमातरम !!!

snake bite treatment at home साप के काटने का इलाज

snake bite सांप काटने का सबसे सस्ता और बढ़िया इलाज जरुर पढ़ें 

दोस्तो सबसे पहले snake bite के बारे मे एक महत्वपूर्ण बात आप ये जान लीजिये ! कि अपने देश भारत मे 550 किस्म के snake है ! जैसे एक cobra है ,viper है ,karit है ! ऐसी 550 किस्म की साँपो की जातियाँ हैं ! इनमे से मुश्किल से 10 snake है जो जहरीले है सिर्फ 10 ! बाकी सब non poisonous है! इसका मतलब ये हुआ 540 साँप ऐसे है जिनके काटने से आपको कुछ नहीं होगा !! बिलकुल चिंता मत करिए !




snake bite first aid in hindi

लेकिन साँप के काटने का डर snake bite इतना है (हाय साँप ने काट लिया ) की कई बार आदमी heart attack से मर जाता है !जहर से नहीं मरता cardiac arrest से मर जाता है ! तो डर इतना है मन मे ! तो ये डर निकलना चाहिए !

वो डर कैसे निकलेगा ????


जब आपको ये पता होगा कि 550 तरह के साँप है और डराने पर या अचानक सांप काट लेता है snake bite लेकिन ज्यादा चिंता की कोई बात नही उनमे से सिर्फ 10 साँप जहरीले हैं ! जिनके काटने snake bite से कोई मरता है ! इनमे से जो सबसे जहरीला साँप है उसका नाम है !

russell viper ! उसके बाद है karit इसके बाद है viper और एक है cobra ! king cobra जिसको आप कहते है काला नाग !! ये 4 तो बहुत ही खतरनाक और जहरीले है इनमे से किसी ने काट लिया तो 99 % chances है कि death होगी !

लेकिन अगर आप थोड़ी होशियारी दिखाये तो आप रोगी को बचा सकते हैं होशियारी क्या दिखनी है ???
आपने देखा होगा साँप जब भी काटता (snake bite) है तो उसके दो दाँत है जिनमे जहर है जो शरीर के मास के अंदर घुस जाते हैं ! और खून मे वो अपना जहर छोड़ देता है

तो फिर ये जहर ऊपर की तरफ जाता है ! मान लीजिये हाथ पर साँप ने काट लिया तो फिर जहर दिल की तरफ जाएगा उसके बाद पूरे शरीर मे पहुंचेगा ! ऐसे ही अगर पैर पर काट लिया (snake bite) तो फिर ऊपर की और heart तक जाएगा और फिर पूरे शरीर मे पहुंचेगा ! कहीं भी काटेगा तो दिल तक जाएगा ! और पूरे शरीर मे उसे पहुँचने मे 3 घंटे लगेंगे !

मतलब ये है कि रोगी 3 घंटे तक तो नहीं ही मरेगा ! जब पूरे दिमाग के एक एक हिस्से मे बाकी सब जगह पर जहर पहुँच जाएगा तभी उसकी death होगी otherwise नहीं होगी ! तो 3 घंटे का time है रोगी को (snake bite) से बचाने का और उस तीन घंटे मे अगर आप कुछ कर ले तो बहुत अच्छा है ! 

क्या कर सकते हैं ?? ???

rattlesnake bite treatment tips in hindi

घर मे कोई पुराना इंजेक्शन (injection) हो तो उसे ले और आगे जहां सुई(needle) लगी होती है वहाँ से काटे ! सुई(needle) जिस पलास्टिक मे फिट होती है उस प्लास्टिक वाले हिस्से को काटे !! जैसे ही आप सुई के पीछे लगे पलास्टिक वाले हिस्से को काटेंगे तो वो injection एक सक्षम पाईप की तरह हो जाएगा ! बिलकुल वैसा ही जैसा होली के दिनो मे बच्चो की पिचकारी होती है !

उसके बाद आप रोगी के शरीर पर जहां साँप ने काटा (snake bite) है वो निशान ढूँढे ! बिलकुल आसानी से मिल जाएगा क्यूंकि जहां साँप काटता है वहाँ कुछ सूजन आ जाती है और दो निशान जिन पर हल्का खून लगा होता है आपको मिल जाएँगे ! अब आपको वो injection( जिसका सुई वाला हिस्सा आपने काट दिया है) लेना है और उन दो निशान मे से पहले एक निशान पर रख कर उसको खीचना है ! जैसे आप निशान पर injection रखेंगे वो निशान पर चिपक जाएगा तो उसमे vacuum crate हो जाएगा ! और आप खींचेगे तो खून उस injection मे भर जाएगा !

बिलकुल वैसे ही जैसे बच्चे पिचकारी से पानी भरते हैं ! तो आप इंजेक्शन से खींचते रहिए !और आप first time निकालेंगे तो देखेंगे कि उस खून का रंग हल्का blackish होगा या dark होगा तो समझ लीजिये उसमे जहर मिक्स हो गया है !

तो जब तक वो dark और blackish रंग blood निकलता रहे आप खिंचीये ! तो वो सारा निकल आएगा ! क्यूंकि साँप जो काटता (snake bite) है उसमे जहर ज्यादा नहीं होता है

0.5 मिलीग्राम के आस पास होता है क्यूंकि इससे ज्यादा उसके दाँतो मे रह ही नहीं सकता ! तो 0.5 ,0.6 मिलीग्राम है दो तीन बार मे आपने खीच लिया तो बाहर आ जाएगा ! और जैसे ही बाहर आएगा आप देखेंगे कि रोगी मे कुछ बदलाव आ रहा है थोड़ी consciousness (चेतना) आ जाएगी ! साँप काटने से व्यकित unconsciousness हो जाता है या semi consciousness हो जाता है और जहर को बाहर खींचने से चेतना आ जाती है ! consciousness आ गई तो वो मरेगा नहीं !

तो ये आप उसके लिए first aid (प्राथमिक सहायता) (snake bite) कर सकते हैं !

इसी injection को आप बीच से कट कर दीजिये बिलकुल बीच कट कर दीजिये 50% इधर 50% उधर ! तो आगे का जो छेद है उसका आकार और बढ़ जाएगा और खून और जल्दी से उसमे भरेगा ! तो ये आप रोगी के लिए first aid (प्राथमिक सहायता) (snake bite) के लिए ये कर सकते हैं !

copperhead snake bite facts

दूसरा एक medicine आप चाहें तो (snake bite) के लिए हमेशा अपने घर मे रख सकते हैं बहुत सस्ती है homeopathy मे आती है ! उसका नाम है NAJA (N A J A ) ! homeopathy medicine है किसी भी homeopathy shop मे आपको मिल जाएगी ! और इसकी potency है 200 ! आप दुकान पर जाकर कहें NAJA 200 देदो ! तो दुकानदार आपको दे देगा ! ये 5 मिलीलीटर आप घर मे खरीद कर रख लीजिएगा (snake bite) में इससे 100 लोगो की जान इससे बच जाएगी !

और इसकी कीमत सिर्फ पाँच रुपए है ! इसकी बोतल भी आती है 100 मिलीग्राम की 70 से 80 रुपए की उससे (snake bite) में आप कम से कम 10000 लोगो की जान बचा सकते हैं जिनको साँप ने काटा(snake bite) है !

और ये जो medicine है NAJA ये दुनिया के सबसे खतरनाक साँप का ही poison है जिसको कहते है क्रैक ! इस साँप का poison दुनिया मे सबसे खराब माना जाता है ! इसके बारे मे कहते है अगर इसने किसी को काटा (snake bite) तो उसे भगवान ही बचा सकता है ! 

medicine भी वहाँ काम नहीं करती उसी का ये poison है लेकिन delusion form मे है तो घबराने की कोई बात नहीं ! आयुर्वेद का सिद्धांत आप जानते है लोहा लोहे को काटता है तो जब जहर चला जाता है शरीर के अंदर तो दूसरे साँप का जहर ही काम आता है !(snake bite)

तो ये NAJA 200 आप घर मे रख लीजिये !अब (snake bite) में देनी कैसे है रोगी को वो आप जान लीजिये

1 बूंद उसकी जीभ पर रखे और 10 मिनट बाद फिर 1 बूंद रखे और फिर 10 मिनट बाद 1 बूंद रखे !! 3 बार डाल के छोड़ दीजिये !बस इतना काफी है !

और राजीव भाई video मे बताते है कि (snake bite) ये दवा रोगी की जिंदगी को हमेशा हमेशा के लिए बचा लेगी ! और साँप काटने (snake bite) के एलोपेथी मे जो injection है वो आम अस्तप्तालों मे नहीं मिल पाते ! डाक्टर आपको कहेगा इस अस्तपाताल मे ले जाओ उसमे ले जाओ आदि आदि !!

और जो ये एलोपेथी वालो के पास injection है इसकी कीमत 10 से 15 हजार रुपए है ! और अगर मिल जाएँ तो डाक्टर एक साथ 8 से -10 injection ठोक देता है !

कभी कभी 15 तक ठोक देता है मतलब लाख-डेड लाख तो आपका एक बार मे साफ !! और यहाँ सिर्फ 10 रुपए की medicine से आप उसकी जान बचा सकते हैं !

और राजीव भाई इस video मे बताते है कि injection जितना effective है मैं इस दवा(NAJA) की गारंटी लेता हूँ ये दवा एलोपेथी के injection से 100 गुना (times) ज्यादा effective है !

तो अंत आप याद रखिए घर मे किसी को साँप काटे (snake bite) और अगर दवा(NAJA) घर मे न हो ! फटाफट कहीं से injection लेकर first aid (प्राथमिक सहायता) के लिए आप injection वाला उपाय शुरू करे ! और अगर दवा है तो फटाफट पहले दवा पिला दे और उधर से injection वाला उपचार भी करते रहे ! दवा injection वाले उपचार से ज्यादा जरूरी है !!
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तो ये जानकारी आप हमेशा याद रखे पता नहीं कब काम आ जाए हो सकता है आपके ही जीवन मे काम आ जाए ! या पड़ोसी के जीवन मे या किसी रिश्तेदार के काम आ जाए! तो first aid के लिए injection की सुई काटने वाला तरीका और ये NAJA 200 hoeopathy दवा ! 10 – 10 मिनट बाद 1 – 1 बूंद तीन बार रोगी की जान बचा सकती है !!

आपने पूरी post पढ़ी बहुत बहुत धन्यवाद !!
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सोयाबीन सम्पूर्ण संतुलित भोजन

सोयाबीन एक ऐसा अन हे , जिसमे सभी प्रकार के महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हें जेसे प्रोटीन, वसा, खनिज, लवण, लोह, आदि। इसमें पाया जाने वाला प्रोटीन बाकि पदार्थो में पाए जाने वाले प्रोटीनो से उनंत किस्म का होता हे ।
यह बालक विरद्ध जवान रोगी सभी के लिए हितकारी हे ।
में आपको सोयाबीन के कुछ अनूठे प्रयोग बता रहा हूँ  जिनका में रोज उपयोग करता हु ।

१: सोयाबीन का दूध और दही 

एक मुठ्ठी सोयाबीन को रात को भिगो दें सुबह तक फूल कर मोटी हो जाएंगी फिर इसे मिक्सी में पिसलें और इसमें ३ या ४ गिलास जल मिलाकर ३० मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं और जब ये गाढ़ा हो जाए तो इसका उपयोग करें इसका स्वाद थोडा बकबका सा होता हे। इसलिए आप जब इसे गरम करने लगें तो इसमें  इलायची डालदे स्वाद अच्छा हो जायेगा । आप इसमें जामन मिलाकर इसकी दही भी जमा सकते हें। इसकी दही का स्वाद थोडा फीका सा होता हे पर काफी अच्छी लगती हे ।

विशेष:- सोयाबीन शारीर की मास्पेसियों  को बनाने में काफी उपयोगी होता हें

आयुर्वेद का जनक भारत एक महान देश हे । जिस पर महापुरुष जनम लेते रहतें हें ।

आयुर्वेद का जनक भारत एक महान देश हे ।  जिस पर महापुरुष  जनम लेते रहतें हें ।  और भारत की भूमि पर एक से एक महान ऋषियों (आज की भाषा में वैज्ञानिक ) ने जनम लिया  हे ।  किसी ने योग की खोज की किसी ने स्वर विज्ञानं की खोज की किसी ने एयेक्युप्रेषर की खोज की एसी ही एक महान विद्या आयूर्वेद की खोज की हमारे महान ऋषियों ने आयूर्वेद एक एसी चिकित्षा पध्तिती हे जिससे हम अपने शारीर के समस्त रोग ख़तम कर सकते हें आज में आयूर्वेद के विशेए में एक सच्ची घटना लिख रहा हूँ आशा हे की आप इससे कुछ सिख लेंगे

एक राजा बहुत अधिक बीमार था ।  उसका पूरा शारीर पिला पड़ गया था और सारा शारीर सुख कर कंकाल हो गया था ।  दूर दूर के राज्यों से एक्से बढकर एक डाक्टर को बुलाया गया उनसब ने रजा को स्वस्थ करने की बहुत कोशिश की खूब एलोपेथी की दवाइयाँ दी गईं पर कोई फाएदा नही हुआ आखिर में सभी ने हार मानली और सभी ये सोचने लगे की अब रजा नहीं बचेंगे और ये बात पुरे नगर में फेल गई अचानक ही किसी गाँव से कोई बुजुर्ग वेध्जी नगर में आए उन्हें भी इस बात का पता चला तब उन्होंने सोचा की ये मेरा कर्त्वेये हे ।  की में अपने रजा के प्राणों की रक्षा करूं और वो महल की तरफ चल पड़े ।

महल पहोंच कर वो परधानमंत्री जी से मिले और उन्होंने रजा जी से मिलने के लिए पूछा परधानमंत्री ने उपेक्षा से उस बुजुर्ग को देखा जो साधारण धोती कुरते और माथे पर तिलक लगाए हुए था ।  फिर परधानमंत्री ने सोचा की इनको राजासे मिलवाने में हर्ज भी क्या हे ।  और वो उन्हें रजा के पास ले गए और उस बुजुर्ग वेध ने रजा की आंख देखि और उनकी नाडी देखि और वो मुस्कराकर बोले की में रोग को समाज गया हूँ और इनको अभी ठीक किये देता हूँ ।

कुछ देर चुप रहने के बाद वेध्जी ने कहा की आप १० यूवक, १० चाकू, १० निम्बुं मंगाइए ये सुनकर सभी अस्चर्येचकित रह गए वो सभी इतने ज्यादा निराश हो गए थे की सभी ने सोचा की ये वेध कोई सनकी हे परन्तु विचार विमर्श के बाद उनके नुस्खे को अजमाने की सोच ली गई ।

वेध जी ने १० युवको को एक लाइन में खड़ा कर दिया और कहा जब में बुलाऊ तो एक यूवक आएगा और रजा के चेहरे के आगे नीबूं कटेगा और बर्तन में निचोड़ देगा पहले यूवक ने एसा ही किया दुसरे ने भी और तीसरे ने भी तिन युवको के प्रयोग के बाद राजा ने जीभ चलाई चोथे यूवक ने जेसे ही नीबू काट कर रस निचोड़ा राजा की आँखों में चमक आने लगी नीबू के रस की धार को देखकर राजा के मुहमे पानी आने लगा देखते ही देखते रजा साहब का मुह लार से भर गया ।

वेध जी ने उन्हें नीबू के रस में तुलसीपत्र तथा कलि मिर्च डलवाकर पिल्वाई और कुछ ही देर में रजा साहब उठ कर बैठ गए उनके शारीर की लार बनाने वाली गरंथियाँ अपना काम करने लगी । 

अब तो रजा का पूरा परिवार उस ग्रामीण वेध के परती नतमस्तक हो गया जिस्काम को बड़े बड़े डॉक्टर नही कर सके वो काम वेध्जी ने कर दिखाया एक साधारण से आयूर्वेद के नुस्खे ने रजा को स्वस्थ कर दिया था ।

राजपरिवार के लोगो ने उनको स्वर्ण मुद्राएँ देनी चाही पर वेध्जी ने मना कर दिया और कहा ये मेरा क्रत्व्ये था ।

धन्ये हे भारत भूमि और धन्ये हे इसकी संताने जिसपर एसे महान ऋषि मुनियों ने जनम लिया और हमें आयूर्वेद जेसी विद्या दी अब हम पर हे की हम इसका सही इस्तेमाल केसे करते हें ।

सब्जियां खाएँ स्वस्थ रहें

इस दुनिया में बहोत से एसे लोग हें जो खूब खातें हें फिर भी मोटे तगड़े नही हो पाते और कुछ लोग एसे भी हें जो सुखी रोटी खाने पर भी मोटे तगड़े रहतें हें खेर इस बारें में बादमे बताऊंगा इसके पीछे क्या कारण हे अभी सिर्फ सब्जियों के बारें में बात करतें हें l

कुछ ऐसी सब्जियों के बारें में बताता हूँ जो शरीरर के लिए काफी फेय्देम्न्द होती हें l

मटर
दोस्तों मटर एक ऐसी सब्जी हे जो दूसरी सब्जियों में मिलाकर खाईजाए तो उनका स्वाद बढ़ादेती हे मटर से सिर्फ स्वाद ही नही बढ़ता बल्कि मटर में भरपूर प्रोटीन भी पाया जाता हे l वेसे ऐसी सब्जियां बहुत कम हें जिनमे इतनी मात्र में प्रोटीन मिलता हे l सोयाबीन में भी सबसे ज्यादा प्रोटीन मिलता हे l

पालक

पालक एक ऐसी सब्जी हे जिसमें पोटेसिय्म और फाइबर भरपूर मात्र में पाएं जाते हें l और ये सब्जी सबसे कम दामों में मिल जाती हे इसलिए सभी इसे खा सकते हें l

गाजर
गाजर में विटामिन अछी मात्र में पाएं जाते हें l और अगर आपकी ऑंखें कमजोर हें या खून की कमी हे तो ये काफी फायेदेमंद साबित हो सकती हे खून की मात्र बढ़ाने के लिए इसके साथ चकुंदर भी ले सकते हें

आयुर्वेद आँखों को ठीक करने के कुछ घरेलू नुस्खे

आयुर्वेद

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया अर्थार्त :- ( हे परभू सभी सुखी हों और स्वस्थ हों l)
परतयेक मनुष्य ये बात अछेसे जनता हे की इस संसार में जितने भी प्राणी हें। चाहे वो मनुष्य हो या कोई छोटा जीव सभी दुखों से दूर रहना चाहतें हें । इस बात से ये अंदाजा अछेसे हो जाता हेकी जब इस संसार की रचना हुई तभी से इस संसार का परतयेक जीव भूख , प्यास , नींद , शारीरीक और मानसिक रोगों को दूर रखना आदी को दूर रखने का प्रयास करता रहा हे । इसलिए शारीर को स्वस्थ रखने की चाह में सबसे पहले आयुरवेद का जनम हुआ।
आज इन्सान बिमारियों को दूर रखने के लीए योग , प्राण चीकीत्सा , रेकी , होम्योपेथी , नेच्रोपेथी ( प्राकर्तिक चीकीत्सा ), ध्यान , मालीश , एलोपेथी , इस पारकर की अनेको पद्धतियों का पर्योग करता हे । हम अपने आस पास देखतें हें की कीसी का गला खराब होने पर खांसी होने पर जुकाम होने पर ठंडी वस्तुओं को सेवन न करने को कहा जाता हे । अदरक तुलसी की चाए पीओ दूध और हल्दी लेलो आदी । कीसी वस्तु की प्रकर्ती ठंडी हे या गर्म ये सभी आयुरवेद के नीयम हें । जो हम अपने बड़े बुजुर्गो द्वारा सिखतें हें । हमे अपनी रसोई में से ही अनेको एसे पदार्थ मिल जाते हें जीको हम ओषधी के रूप में प्रयोग करते हें । इसलिए कहता हूँ की हम चाह क्र भी इस महान आयुरवेद से दूर नहीं रह्स्कते ।
अब सोचने वाली बात ये हे की आयुर्वेद हमारे इतना नजदीक आखीर आयुर्वेद आखीर आयुर्वेद का मतलब क्या हे सबसे पहले हमे आयुर्वेद सब्द को समजना होगा। ये सब्द आयुष + वेद से मील क्र बना हे। आयुष का अर्थ जीवन होता हे और वेद का अर्थ ग्यान वीगयान इसका अर्थ हुआ जीने की अद्भुत कला आयुर्वेद हमें शीरफ़ रोगों से ही नहीं बचाता बल्की जीने की कला भी सीखाता हे। मह्रिषी चरक ने अपने आयुर्वेद के ग्रंथ चरक संहीता में आयुर्वेद की परीभाषा देते हुए कहा हे जो वीदया अछाइ बुराई, दुःख सुख, अवधी और लक्षण का ञान कराए वो आयुर्वेद हे ।
और आयुर्वेद कीसी खास व्येक्ती, या कीसी खास देश तक सिमित नही हे । इसके नीयम पुरे संसार के लीए एक समान हें । और पढ़ें