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Kohni ka kalapan kaise dur kare कोहनी का कालापन कैसे दूर करें

Kohni ka kalapan kaise dur kare कोहनी का कालापन कैसे दूर करें

Kohni ka kalapan kaise dur kare कोहनियों का काला पन हो या शारीर की किसी भी समस्या का समाधान हो हम आखिर मे आयुर्वेद की तरफ आना ही होगा क्योंकि आज की एलोपेथी अंग्रेजी दवा सिर्फ हमारे शारीर को नुकशान ही पोहचा रही है|Kohni ka kalapan kaise dur kare

आज आप इस लेख के माध्यम से कोहनियों का कालापन कैसे दूर करे ये ही जानेगे , में आपसे एक बात और कहना चाहूँगा की इस लेख को पूरा पढना तभी आप इसका लाभ उठा पाएंगे |

  1. यदि आपकी हाथों कि कोहनियों काली पड़ गई है तो उन पर निम्बू को दो भागों में बाँट कर निम्बू के टुकड़े मलें और तीन-चार घंटे बाद, जब मैल फूल जाए तो खुरदरे तोलिये को गरम पानी में भिगोकर व् निचोड़कर उससे कोहनियों को मलकर साफ कर लें | नित्य कुछ दिन लगातार ऐसा करने से कोहनियों कि त्वचा का कलापन दूर हो जाएगा |
  2. काले पड़ गए शारीर के किसी भी हिस्से जैसे घुटनों पवन कि एडियों, गीटों,उँगलियों, अंगूठों और नाखूनों पर बी ही निचुड़े हुए निम्बू के बच् रहे फालतू आधे टुकड़ों को कुछ देर रगड़ने से और आधा घंटे बाद स्नान करने से वे साफ होकर चमकने लगते है |
  3. शारीर कि किसी भी भाग कि त्वचा सख्त, खुरदरी और मोती-सी हो ई हो तो रात कजो सोते समय निम्बू काटकर मलने से और प्रात: धोते रहने से रोम-छिद्र खुलकर त्वचा नर्म और मुलायम हो जाती है |
  4. इन निम्बू के छिलकों को रगदने से लहसुन, प्याज आदि काटने से होने वाली हाथों कि दुर्घंद भी मिट जाती है और हाथ के दाग मिटकर त्वचा स्वच्छ और मुलायम हो जाती है |
  5. हाथ-पैर फटने और उनमें मैल भरने कि शिकायत में निम्बू को उस स्थान पर रगड़े, साडी मैल निकल जाएगी |
  6. यदि बाहें कलि कुरूप दिखती हों तो निम्बू का रस मलने से वे निखर जाती है |

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Hair Care Tips In Hindi बालो का झड़ना, गंजापन ,सफ़ेद होना बालो के सभी रोगो का इलाज कैसे करें

Hair Fall Treatment In Hindi बाल झड़ने में उपयोगी नुस्खे

Hair Fall Treatment In Hindi

Hair Fall Treatment In Hindi बाल झड़ने में उपयोगी नुस्खे

Hair बालो की सभी परकार की care कैसे करें इसमें ये लेख आपकी काफी मदद करेगा बस आपको इस लेख को आखिर तक पढना है और आप Hair Diseases से सम्बन्धित सभी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे |

  1. उड़द कि दाल को उबल कर उसे दिर पर रगड़-रगड़ कर लगाएं, ऐसा करने से कुछ ही दिनों में Hair बालों का झाड़ना रुक जायेगा |
  2. बाल टूटने कि क्रिया निरंतर चल रही है तो घबराइए नहीं, बस निम्बू के रस में बड कि जटा पिस कर बाल धोएं और फिर नारियल का तेल लगे, आपकी शिकायत कुछ ही दिनों में दूर हो जाएगी|
  3. रात को आवला का चूर्ण भिगो दें और सुबह उन्हें मसलकर पानी निथार लें इस पानी में एक-दो कागजी निम्बू निचोड़ दें, उसी पानी से Hair बाल भिगो दें, और पानी रच जाने के बाद बालों को मल-मल कर धोएं, जैसे साबुन से बाल मले जाते हैं, इससे बालों का झड़ना तो बंद होगा ही साथ ही बाल काले, घने, लंबें और मुलायम होंगें, इस प्रयोग को एक महीने तक करें |

Hair का झड़ना गंजापन में उपयोगी नुस्खे

  1. पके व सूखे आवले के चूर्ण को नारियल के तेल में मिलाएं| आप चाहे तो उसमें चमेली का तेल भी दल सकते हैं | फिर इस तेल से सिर पर मालिश करें, इस रस को फिर पानी में मिलकर सिर को रगड़-रगड़ का धोएं, सूखे आवले को थोडा-थोडा करके खाते भी रहिए, निश्चय ही गंजेपन कि शिकायत धीरे-धीरे दूर हो जाएगी |
  2. अनार के दानों, पत्तों और छिलकों के पीसकर लुदगी बना लें फिर उस लुगदी को सरसों के तेल में मिलाकर हल्की आंच पर पकाएं, जब सब चीजें पक जाएँ और तेल बच जाए, तो उसे छान लें तथा शीशी में भरकर रख दें | इस तेल को नियमित दिन में दो-तीन बार लगाएं, इससे गंजापन दूर हो जायेगा |
  3. हरे धनिये को पीसकर उसका रस निकालें उस रस से Hair बालों में नियमित मालिश करें, इससे बाल मुलायम और काले होंगें और बालों का झड़ना खत्म होगा यहाँ तक कि गंजापन भी मिट जाएगा |

Hair Balon Se Rusi Dandruff Hatane Ke Gharelu Tarike Upay Nuskhe बालों में रुसी के नुस्खे

  1. 100 मि.ली. नारियल का तेल लेकर उसमे तीन ग्राम कपूर लेकर मिला लें, इस तेल का इस्तेमाल प्रतिदिन रात्री में सोते समय करें, सिर पर उँगलियों के पोरों से अच्छी तरह तेल लगा कर मालिश करें| पंद्रह दिनों में ही रुसी समाप्त हो जाएगी |
  2. निम्बू के रस में चीनी घोलकर उसकर शरबत बना लें और उस शरबत को सिर पर लगाकर 5-6 घंटे तक धूप ला सेवन करें तत्पश्चात सिर को उत्तम साबुन से धो लें | Hair सिर की सारी रुसी निश्चित रूप से गायब हो जाएगी |
  3. नारियल के तेल में निम्बू का रस मिलाकर इसे सिर पर मालिश कीजिए, कुछ दिन ऐसा करने से सिर की रुसी खत्म हो जाएगी |

How To Make Hair Black Naturally In Hindi | baal kale karne ka gharelu upay

  1. एक किलो आवले का रस, एक किलो देशी घी, 250 ग्राम मुलहठी-इस तीनों को हल्की आंच पर पकाएं | जब अपनी सुख जाए और घी बच जाये तो उसे छान कर बोतल में भरकर रख ले | इसे खिजाब कि तरह बालों में लगाएं कुछ दिनों में ही सारे बाल काले हो जाएंगे | यह कुदरती रंग देता है और त्वचा या दिमाग पर कोई भी बुरा प्रभाव नहीं डालता |

    How To Make Hair Black Naturally In Hindi

  2. लोह चूर्ण, हरड, बहेड़ा, आवला और कलि मिटटी को पीस कर चूर्ण कर लें, फिर इसी चूर्ण को गन्ने के रस में एक महीने तक भिगोकर रकेह एक महीने के बाद इस लेप को बालों में लगाइए | कुछ ही दिनों में आपके सफ़ेद बाल प्राकृतिक रुप से काले हो जाएंगे |
  3. आवले को निम् और मेहंदी के पत्तों के साथ दूध में मिलकर रात को बालों पर लेप करें, सुबह बालों को धोएं | सप्ताह में दो बार करने से दो महीने में हिन् सफ़ेद बाल काले भी हो जायेंगे |
  4. आवले को नीम और मेहंदी के पत्तों के साथ दूध में पीसकर रात को बालों पर लेप करें सुबह बालों को धों लें | सप्ताह में दो बार करने से दो महीने में ही सफ़ेद बाल काले हो जाएंगे |
  5. आवले को रात भर पानी में भिगों दें | सुबह आवालें को मसलकर छान लें और उस पानी से सिर धोएं, ऐसा करने से बाल काले और मुलायम होते हैं |

बाल गिरना, झड़ना और इसका इलाज

How To Make Hair Black Naturally In Hindi

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Sugar Ka Ilaj / शुगर का इलाज Kaise Kare In Hindi

Sugar Ka Ilaj / शुगर का इलाज

Sugar Ka Ilaj

Sugar Ka Ilaj यदि आप खोज रहे है तो इस Hindi Health Article  में बताये गए घरेलु नुस्खो को ध्यान से पढ़िए आपको काफी मदद मिलेगी, आज मधुमेह का रोग काफी फेल चूका है और इस बीमारी Sugar Ka Ilaj लोग नहीं कर पढ़े है इसीलिए आपकी मदद के लिए ये लेख लिखा गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग Sugar Ka Ilaj काफी आसानी से कर सके हमें उमीद है की आपको ये लेख पसंद आयेगा |

Sugar Ka Ilaj Diabetes In Hindi 

1. सुबह टमाटर, संतरा और जामुन का नाश्ता करें, इनकी 300 ग्राम मात्रा प्रयाप्त है |

2. नियमित तीन महीने तक करेले कि सब्जी घी में बनाकर खान से मधुमेह में निश्चित रूप से लाभ होगा |

3. रात को मेथी के डेन पानी में भिगो कर रख दीजिए, सुबह उठकर दातुन कर वह पानी पीकर मेथी के दाने धीरे-धीरे चबा लीजिये, मधुमेह धीरे-धीरे ठीक होता चला जायेगा |

4. रात को काली किसमिस भिगोकर रखीए, सुबह उठने के साथ उसका जल छान कर पी लिजिए |

5. आवंले के चूर्ण को भिगोकर उसे कुछ देर रहने दीजिए, फिर उसे छान कर उसमे निम्बू का रस निचोड़कर सुबह उठते ही पी लें |

6. तमाल पत्र(तेजपत्ता) को कूटकर कपडे से छान कर चूर्ण बना लें, सुबह उठते ही 5 ग्राम चूर्ण कि मात्रा गुनगुने पानी के साथ लें, दस दिनों के भीतर ही भीतर लाभ मिलेगा |

7. Sugar Ka Ilaj के लिए आवला, हल्दी और मेथी-तीनों को समभाग मात्रा में लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बना लें, इस चूर्ण को यदि मधुमेह का रोगी सुबह, दोपहर और शाम को पानी के साथ एक चम्मच भर सवेन करे, तो वह दो महीने के भीतर-भीतर मधुमेह के रोग से मुक्त हो सकता है |

8. मधुमेह Sugar के शिकायत होने पर आम और जामुन का रस बराबर मात्रा में मिलाकर दिन में तीन बार लगातार एक महीने तक सवेन करें |

9. जामुन कि गुठली और हरिद्रा कि बराबर मात्रा लेकर कूट-पिस कर चूर्ण बना कर शहद के साथ चाटें अथवा आधा चम्मच छाछ के साथ पिएं, मधुमेह कितना ही भयंकर क्यों न हो ठीक हो जायेगा |

10. मधुमेह के इलाज के लिए बेलपत्र बड़े उपयोगी है, यह सिद्ध प्रयोग है कि बेलपत्र और निम् के पत्ते 11-12 नग लेकर उन्हें तुलसी के करीब 5-6 पत्तों, 5 नग मुन्नका और 5 नग काली मिर्च के साथ पिस कर गोलियां बना लें एक-एक गोलू प्रतिदिन प्रात: जल के साथ लेने से भयंकर मधुमेह तोग का केवल तीन-चार महीनों में निवारण हो जाता है, लेकिन साथ में खान-पान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है |

11. जामुन के कोमल हरे पत्ते पीसकर नियमित 25 दिन तक प्रात: पानी के साथ पीने से पेशाब में शक्कर जाना रुक जाता है |

Sugar Ka Ilaj और मधुमेह में केला उपयोगी नुस्खा

1. गले हुए केले के छिलके उतारकर उन्हें हाथों से मसल कर लुगदी बना लें, फिट उसमे आधा बहग चावल की भूसी मिलकर 2-3 दिन गरम स्थान पर रखे छोड़ें चौथे दिन किसी पात्र में सबको रखकर पात्र को थोडा टेढ़ा करके थोड़ी देर तक रहने दें, ऐसा करने से की का रस अलग निथर आएगा, इसी रस का सेवन करें, आप चाहें तो स्वाद के लिए उसमे चुटकी भर काली मिर्च और सेंध नमक भी पीसकर दाल सकते है |

2. अक्सर मधुमेह के रोगी केले का उपयोग करने से घबराते हैं, पर इस तथ्य की जानकारी बहुत काम लोगों को है कि केले के रस का सेवन करने से मधुमेह कि बीमारी में अत्यधिक लाभ होता है |

मधुमेह होने के लक्षण और उपचार

Sardi Khasi Jukam Ka Gharelu Ilaj

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sardi khasi jukam ka gharelu ilaj सर्दी में जुकाम नाक-दर्द दूर करने के नुस्खे

Sardi Khasi Jukam hone par kya kare. दोस्तों यदि आपको Sardi लग जाये और jukam हो जाये तो काफी sardi khasi jukam ka gharelu ilaj समस्या हो जाती है, वेसे तो ये हमारे शारीर की सफाई की परक्रिया है, परन्तु यदि बार बार Sardi, Khasi, Jukam, हो तो सावधानी जरुरी हो जाती है| आज आप इस लेख में ये ही जानेंगे की  Sardi Khasi Jukam को कैसे दूर करें, यदिआप इस लेख में डी गयी जानकारी को ध्यान से पढेंगे तो आप अपना ठिक से इलाज कर पाएंगे

 sardi khasi jukam ka gharelu ilaj / सर्दी में जुकाम नाक-दर्द दूर करने के नुस्खे

  1. अदरक और पुदीना का रस सममात्रा में लेकर पियें |

  2. जुकाम कि परेशानी से कभी-कभी नाक भी दर्द करने लगती है, उस स्थिति में हरी चाय, पुदीना और गरम मसाला इन तीनों को पानी में उबाल कर उसकी भाप ले |

 3. 50 ग्राम गुड़ और 10-12 काली मिर्च पिस कर उबाल कर चाय कि तरह पिने से जुकाम तत्काल ठीक हो जाता है, साथ ही जुकाम से होने वाला नाक दर्द भी नहीं रहता |

 4. दो-तीन चम्मच अजवाइन स्वच्छ कपडे में बांध कर उसकी पोटली को तवे पर रखकर बार-बार गरम जार्जे सूंघने से जुकाम के साथ-साथ नाक दर्द का भी तीन-चार दिन में ही शमन हो जाता है |

 5. जायफल के छिलकों को पीसकर चूर्ण बना कर उसे नास्य के सामान सूंघने से छिके आएँगी, जिससे जुकाम दूर होगा और नाक दर्द से भी राहत मिलेगी |

Sardi Khasi Jukam me giloy ke fayede

दोस्तों इन नुस्खो के अलावा भी आपको एक काम रोज करना चाहिए आपको गिलोय का काढ़ा रोज पीना चाहिए इससे आपको Sardi Khasi Jukam  नहीं होगा , आपकी रोगों से लड़ने की शमता बढ़ जाएगी | और  आप दीर्घ  आयु को प्राप्त होंगे और हमेशा स्वस्थ रहेंगे | रोग होने पर तो सभी घरेलु नुस्खे खोजते है पर यदि आप गिलोय जैसी माहाओश्धि का सेवन करेंगे तो आपको कोई भी रोग नही होगा | मुझे उमीद है की आपको ये लेख पसंद आया होगा |इस लेख को अपने मित्रो के साथ शेयर जरुर करें|

आँखों की सुंदरता और देखभाल कैसे करें

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आँखों की सुंदरता और देखभाल कैसे करें

आँखों के अनेको रोग है जैसे , aakho में कुछ चलेजाना , आँख का आना , लाल होना, काले घेरे होना , आँखों का कमजोर होना जैसे अनेको रोग है जो कभी भी आपको हो सकते है आज इस लेख में आप ankho ke in rogo ko dur karne ke upaye janenge. मुझे उमीद है की ये लेख आपको पसंद आयेगा| आँखों की देखभाल केसे करें

आँखों में कंकड़ मिटटी चले जाने पर क्या करें नुस्खे

  • आँख पर जल के छींटे मारने से कंकड़-मिटटी के कण आँख से निकल जाते है |
  • किसी दुखभरी स्मृति को मस्तिष्क पटल पर उभार कर बिना aakho को मेल खूब रोयें आंसुओं के निरंतर प्रवाह से विजातीय प्रदार्थ बह कर बहार आ जायेगा |
  • दूध कि मलाई को पानी में डाल कर उससे निरंतर आँखों को धोएं | कभी–कभी तकलीफ हो जाती है | आँखे गड़ने लगती हैं| आँख मीजते-मीजते लाल हो जाती है, ऐसे में नमन घरेलु नुस्खे अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होते है |

आँखों में जलन के नुस्खे Aankhon Mein Jalan Ho To Kya Kare

  • माखन आँखों  पर लगाने से aakho  कि जलन दूर होती है, खुरासनो का दूध या किलवा आँख में पड़ गया हो और जलन हो रही हो, तो मक्खन का नाजन आँख में लगाने से अत्यधिक लाभ होता है |
  • दही कि मलाई पलकों पर लेप करने से गरमी और जलन निकल जाती है | यह अनुभव सिद्ध नुस्खा है, दही कि मलाई उपलब्ध न होने पर दूध कि मलाई से भी काम चल सकता है, लेकिन पलकों पर मलाई ठंडी ही लेप करें |
  • हल्दी, फिटकरी और इमली के पत्ते को समभाग में लेकर इन्हें पीसकर पुलिट्स बनाकर सेंक करने से जलन मिटती है, इससे आंख कि लाली भी दूर हो जाती है |
  • 10 ग्राम द्राक्ष कि रात में पानी में भिगो कर रख दे, सुबह उसे हाथ से मसल ले, फिर उसमे थोड़ी शक्कर मिलकर पिने से आँख कि जलन से रहत मिलती है |
  • सेब को अंगारों पर सेंक कर उसको हाथों पर मसल लीजिए, फिर इसकी पुलिट्स बनाकर रात में आँखों कि पलकों के ऊपर बाँधने से थोड़े ही दिनों में आँख कि जलन, भारीपन, दृष्टिमंदता, दर्द,आदिक विकार दूर हो पते है |
  • बाबुल के पत्तों को पीसकर टिकिया बनाकर घी में भुनकर ankho पर बंधने से आँखों कि जलन तुरंत लाभ होता है, इसके पत्तों का रस निकल कर आँखों कि पलकों कर गर्म लेप करने से पलकों कि सूजन व आँखों से पानी गिरना रुक जाता है |

पेट के समस्त रोगों का इलाज पेट में भारीपन जलन अरुचि फूलना

  • कभी-कभी ankho में मिर्च, प्याज या अन्य तीक्ष्ण प्रदार्थ लग जाने से जलन होने लगती है और आँख से पानी गिरता है, आँखे आने के कारण भी आँख में जलन उत्त्पन होती है, उपर्युक्त नुस्खों का प्रयोग करना चाहिए, इससे तुरंत राहत मिलती है |

आँखों के कुछ फायदेमंद नुस्खे Eye care tips in hindi

  • पुराना चावल, मुंग, जों, शकों में बथुआ, चौलाई, परवल, करेला, बैंगन आदि और घी में पकाए गये आहार फायदेमंद है, जब कि कडुवे, अम्लीय, गरिष्ट तीक्ष्ण एवं गर्म पदार्थ के सेवन से बचना चाहिए |
  • मधुर एवं तीखे पदार्थ का सेवन भी आँखों के लिए अत्यधिक लाभ प्रद सिद्ध होता हैं, जबकि उड़द, मादक पदार्थ, सूखे मन्श-मछली, अंकुरित धान्य तथा अन्य बिदाहकारी पदार्थ aakho  के रोगों में नुकसानदायक होते है |
  • जंगली देसी पक्षियों का मांस भी उत्तम फायदेमंद होता है |
  • निम्बू या बबूल के पत्तों को पीसकर तालुओं पर लेप करना चाहिए इससे ankho को ठंडक पहुँचती है |
  • सिर में टिल के तेल कि मालिश करने से भी रहत व शीतलता मिलती है |

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शरीर की कमजोरी का आयुर्वेदिक इलाज

Ayurvedic treatment for weakness in hindi

Ayurvedic treatment for weakness in hindiayurvedic treatment की आज सभी को जरूरत है आज जिसे भी देखो वो ही व्येक्ती कमजोर और सुस्त दीखता है। इस कमजोरी (body weakness) के पीछे का असली कारण पोष्टिक आहार ना लेना और ब्रह्मचारी पालन ना करना है। हमारे युवा आज उन अँधेरी खाइयों में गिर रहें है जन्हा से निकलना मुस्किल है पर नामुमकिन नही है सही ayurvedic treatment से थोड़ी सी सावधानी से हम अपना जीवन सुधार सकते हैं। और कमजोरी (weakness home remedies ) को दूर भगा सकते हैं।

बस हमें कुछ बातों का ध्यान रखना होगा तभी हमारा भला होसकता है। आज आप इस लेख में जानेंगे की आप अपने शरीर की कमजोरी को कैसे दूर रख सकते है और स्वस्थ रह सकते हैं। यदि आप इन छोटे छोटे घरेलु नुस्खों को आजमाएंगे तो आप काफी अच्छा लाभ प्राप्त करेंगे। और हमेसा स्वस्थ और सुखी रहेंगे।

Ayurvedic treatment Health benefits of honey in hindi

शहद हर भारतीय घर में आसानी से मिल जाता है। इसको आप gharelu Dawai के रूप में भी इस्तेमाल करसकते हैं। शहद में विटामिन बी होता है जिसके कारण आपकी भूख बढ़ने लगती है। शहद का रोज सेवन करने से अमीनो एसिड, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, आयरन आदि पोषक तत्व हमारी body को मिल्जाते हैं और हम स्वस्थ रहते हैं।

एक गिलास दूध में 1 चमच shahad मिलाकर पिने से शारीर की कमजोरी दूर भाग्जाती है। पर इस घरेलु उपचार में सबर करने की आवश्कता है। यदि आप अपने शारीर में ज्यादा Weakness महसूस करते हैं तो मैं आपको अच्छा Ayurvedic treatment किसी अच्छे आयुर्वेद के वैध से करवाना होगा।

Ayurvedic treatment milk benefits in hindi

वैसे दूध में काफी सारे गुण पाए जाते हैं। पर अपने आर्यव्रत की देसी गाएँ का दूध सबसे ज्यादा अच्छा होता है। बल्कि ये कहना अतिश्योक्ति नही होगा की देसी गाएँ का दूध अमृत है जिसे पीकर हमारे देश के राजा चक्रवर्ती सम्राट हुआ करते थे। यदि आप शारीर में कमजोरी महसूस करते है तो देसी गाएँ का ही दूध, घी, छाछ आदि इस्तेमाल करें आपको काफी अच्चा लाभ मिलेगा आप और आपका परिवार हमेशा स्वस्थ और खुश रहेंगे। और जब देसी गौ वंश के दूध की डिमांड बढ़ेगी तो गौ रक्षा भी होगी।

Banana benefits in hindi –

केले में काफी सारे प्राक्रतिक तत्व पाए जाते हैं।  जैसे ग्लूकोज, सूक्रोज या फ्रुक्टोज आदि होते हैं। ये केला आपको अधिक उर्जावान बनाता है। केले में काफी मात्रा में पोटेशियम भी होता है जो शर्करा को ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है। जब भी आपको कमजोरी महसूस हो तो आप 1 केला खास्कते है ज्यादा भी खास्कते हैं। थकान तो खत्म करने का ये एक अच्चा घरेलु तरीका है।

यदि आप रोज केला खाएं या केले का जूस पियें तो आप इस कमजोरी से छुटकारा पा सकते हैं। तो देर किस बातकी आजही से केले का सेवन शुरू कीजिये। ये काफी आसान Ayurvedic treatment है कमजोरी को दूर भगाने के लिए।

Badam khane ke fayde – बादाम रखे उर्जावान

बादाम (Badam) में विटामिन e और मैग्नीशियम मोजूद होता है। इसका सेवन करने से आप उर्जावान महसूस करेंगे। रोज रात को 4 या 5 बादाम भिगोदें और सुबहे अच्छे से चबा कर खालें और ऊपर से देसी गाएँ का दूध पीलें। बादाम में वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट होता है। जो आपके शारीर को उर्जा देता है और आप ताकतवर बनते हैं। यदि आप रोज बादाम का सेवन करते रहेंगे तो आपकी याददाश्त भी तेज बनेगी।

Coconut oil benefits in hindi – नारियल तेल के फाएदे

लेकिन क्या आपको पता है नारियल (nariyal) तेल का इस्तेमाल आप अपनी कमजोरी दूर करने के लिए भी कर सकते है। इसका इस्तेमाल यदि आप भोजन में करेंगे तो आपके शारीर में चर्बी नहीं बढ़ेगी। और ये आसानी से पाच भी जाएगा। नारियल का तेल metabolism और energy को भी बढ़ाता है।

नारियल का तेल thyroid granth को उत्तेजित करता है और harmons को संतुलित करता है। इसीलिए नारियल का तेल रोज अपने भोजन में इस्तेमाल कीजिये आपको ताकत मिलेगी।

फाइबर से भरपूर otas

ये एक काफी अच्छा आहार है। जिसको खाने से आपके शारीर में चर्बी जमा नही होगी। और ये आपके शारीर को उर्जा भी देगा। इसमें काफी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर होता है जो आपकी भूख को नियंत्रित करता है। साथ ही इसमें मैग्नीशियम और पोटेशियम होता है जो थकान और कमजोरी को दूर करने में साहयक होता है।

Amla ke fayde in hindi

यदि आप रोज 1 amlaa का सेवन करेंगे तो आपको काफी सारे लाभ होंगे। जैसे रक्त शुद्ध होगा, कब्ज नही रहेगी, गैस नही बनेगी, आँखों की रौशनी बढेगी, रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ेगी, बाल जल्दी सफ़ेद नहीं होगे, और सबसे बड़ी बात कमजोरी को जड़ से खत्म करेगा। आप आंवले का जूस भी पिसकते है ये सीधे खून ,में शामिल होजाएगा और जल्दी अपना असर दिखाएगा। एक बार आंवले से ayurvedic treatment करके जरुर देखें।

Amla ke fayde

दही के लाभ – dahi ke fayde

दही में प्रोटीन होता है जिससे शारीर को उर्जा मिलती है। और इसमें आपकी उर्जा को बढाने के लिए प्राकर्तिक शकर भी होती है। यदि आप रोज 200 या 300 ग्राम दही खाएं तो आप शारीरिक कमजोरी को दूर भगा सकते हैं। गर्मियों में तो दही जरुर खाएं। लू से भी बचाएगी और कमजोरी भी दूर करेगी।

Mango health benefits – आम खाएं स्वस्थ रहें 

आम काफी स्वादिष्ट होता है इस फल में एंटीऑक्सिडेंट, खनिज, विटामिन, फाइबर जैसे अच्छे पोषक तत्व होते हैं। जो आपकी health के लिए काफी लाभदायक है। आम में मोजूद स्टार्च चीनी को उर्जा में बदल देता है। यदि आप रोज गर्मियों में आम खाएं या आम का जूस पिएं तो आपको काफी ताकत मिलेगी और कमजोरी दूर भागेगी।

Havan vidhi in hindi – हवन से चिकित्सा

यदि आप रोज हवन करे तो आप इस दुनिया के खतरनाक से खतरनाक रोगों को बड़ी आसानी से दूर भगा सकते हैं। havan में विशेष जडीबुटी वाली havan samagri  डाली जाती है जिससे आसानी से आप रोगों को दूर रखसकते है। हवन अपने आपमें एक बहुत बड़ा पर आसानी से किया जासकने वाला विज्ञान है। आप इसको इसप्रकार समझिए आप अग्नि को जो भी देंगे अग्नि उसकी हजार गुणा ताकत बढाकर आपको देगी। हवन में आप सिर्फ आम की लकड़ी या पीपल या गिलोय ही इस्तेमाल करें।

हवन सिखने के लिए आप हमसे भी सम्पर्क करसकते हैं हम आपकी फ्री में पूरी साहयता करेंगे। और हवन के एसे वैज्ञानिक और प्रमाणित लाभ बताएँगे की आप चोंक जाएंगे।

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Anjeer dried figs health benefits in hindi – अंजीर के गुण

Anjeer benefits

anjeer ke fayde in hindi Anjeer खाने में जितना स्वादिष्ट है उससे ज्यादा इसमें गुण है। यदि आप रोज anjeer खाते हैं तो आप को अनेकों health benifites मिलेंगे। आज इस hindi health article में आप figs के फाएदों के बारे में जानेंगे। काफी व्येक्तियों ने अंजीर के गुण से लाभ लिया है। आप भी anjeer से लाभ उठा सकें ये ही हमारा प्रयास है। हमें उमीद है की ये लेख आपके लिए फाएदों का सिद्ध होगा।

Anjeer ke fayde in hindi

1. Anjeer (figs) पाचन शक्ति मजबूत करे कब्ज को दूर करे।

अंजीर (fig) में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है। फाइबर अधिक होने से ये कब्ज को जड़ से खत्म करता है, यदि आप anjeer को रोज सेवन करेंगे तो आपको पेट से सम्बंधित रोग दुखी नही करेंगे। और पेट साफ़ रहेगा कब्ज और गैस जैसे रोग आपसे कोसों दूर रहेंगे। यदि आपका पेट सही है खाना सही पचता है तो आपको कभी कोई रोग नही हो सकता।

2. Anjeer मोटापा तेजी से कम करे। figs health benefits weight loss

Fig अंजीर में फाइबर तो अधिक होता ही है। साथ में इसमें फैट भी काफी कम होता है। इसलिए ये आपका वजन जल्दी कम करेगा। और आपको ताकत भी देगा कमजोरी दूर रहेगी। तोर देर कैसी wight loss कीजिये anjeer खाइए।

3. High bp उच्च रक्तचाप को जड़ से खत्म करे figs

यदि आप नियमित अंजीर का सेवन कर रहे है तो आप उच्च रक्तचाप (High bp ) जैसे रोग को हमेसा के लिए दूर रख सकते है। और यदि आपको उच्च रक्तचाप नही है तो भी आप इसका सेवन कीजिये आपको काफी लाभ होगा। भविष्य में कभी उच्च रक्तचाप का रोग नही सताएगा।

4. Anjeer Heart दिल को तन्दरूस्त रखे।

इसमें उच्च मात्रा में ऐसे गुण होते है जो आपकी रक्त कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखते हैं। और दिल से सम्बंधित रोगों को नही पनपने देते इसलिए दिल के रोग आपसे दूर रहते है।

5. Fig हड्डियों की मजबूती के लिए।

यदि आप रोज ये खाते है तो आपकी हड्डियां मजबूत रहेंगी। 1 anjeer में 3% कैल्सियम होता है और ये कैल्शियम आपकी हड्डियों को अधिक सख्ती प्रदान करेगा इसलिए रोज खाइये इसे।

6. गर्भावस्था के दौरान कब्ज को दूर करे।

जैसा की ऊपर बताया जाचुका है की इसमें फाइबर ज्यादा होने के कारण पेट के रोगों को दूर रखता है। यदि गर्भवती महिलाओं को इसका का सेवन कराया जाए तो गर्भावस्था के दौरान होने वाली कब्ज को जड़ से खत्म किया जासकेगा। और शिशु का स्वास्थ्य भी अच्छा होगा।

7. अंजीर की तासीर गर्म और ठण्डी।

यदि आप इस को सुखा खाएंगे तो इसकी तासीर गर्म होगी। यदि इसको रातभर भिगोदे तो इसकी तासीर ठण्डी हो जाएगी।

8. खांसी को रखे दूर।

यदि आपको खांसी है तो अंजीर और सोंफ को मिलाकर खाइये और खांसी में आराम पाइए। जल्दी आपकी खांसी ठीक होजाएगी।

9. घाव होने पर figs का प्रयोग।

यदि आपको घाव हो गया है तो आप ये प्रयोग कीजिये आपको अच्छा फाएदा होगा, दूध में सूखे अंजीर को पिस कर पेस्ट बनालें, और घाव पर लगालें इस के घरेलू उपचार से जल्दी ही घाव भर जाएगा।

10. सुजन में प्रयोग।

यदि गले में सुजन होगई है तो इसका काढ़ा बनाइए और इसे पीजिये जल्दी ही सुजन ठीक होगी, यदि जीभ पर सुजन है तो इसको अच्छे से पिस कर लगाने से लाभ होगा।

11. शक्तिवर्धक कमजोरी दूर भगाए।

यदि आपको कमजोरी रहती है और शरीर में ताकत कम है तो रोज इसे खाए और उपर से दूध पिए आपको काफी फाएदा होगा। कमजोरी जल्दी ही खत्म होगी और आपको ताकत मिलेगी।

12. शुगर में लाभ। figs health benefits diabetes

यदि आपको शुगर यानी मधुमेह रहती है तो आप इसको खाइए आपको विशेष लाभ मिलेगा। इसके प्रयोग से आपको मधुमेह को दूर करने में आसानी होगी।

13. अस्थमा में  फाएदे।

दमे के रोगी के लिए ये anjeer काफी फाएदेमंद  है रोज इसे खाइए और दमा जैसे रोगों को दूर रखिए।

Note- किसी भी घरेलू नुस्खे को अजमाने से पहले वैध से सलहा जरूर करले।

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आम के आठ औषधीय प्रयोग

8 health benefit of mango tree in hindi
परिचय

आम भारतवर्ष (India) एव पूर्वी द्वीप समूह का आदिवासी पौधा है। यह ग्रीष्म जलवायु का वृक्ष है। हिमालय (Himalayas) पर भूटान से कुमायूँ तक इसके जंगली वृक्ष पाये जाते है, सम्पूर्ण भारतवर्ष में इसके वृक्ष लगाये जाते है और फलते फूलते है। आम की अनेक किस्में पाई जाती है. जो पौधे गुठली बोकर उत्पन्न किये जाते है उन्हें देशी या बीजू आम, और जो उन्नत जाति के आम दो वृक्षों की शाखाओं पर कलमें बाँध कर विकसित किये जाते हें। देश स्थान रंग रूप भेद से इसकी अनेकों किस्मे मिलती हें, देसी आम में रस होने के कारण इसका रस पतला होता हे ये चूस कर खाने के काम में आता हे । परन्तु कलमी आम में गुदा अधिक होता हे इसलिए काट कर खाया जाता हे 

रासायनिक संघटन / Chemical composition

आम में अन्य तत्वों के अतिरिक्त विटामिन a, b, c, अधिक मात्रा में पाए जाते हें 


आम के औषधीय प्रयोग 

1:- अतिसार या डायरिया (Diarrhea) :
  • आम की गुठली की गिरी को साढे पाँच ग्राम की मात्रा में 100 ग्राम जल में उबालें। इसमें साढे पाँच ग्राम गिरी को और मिलाकर, दोनों को पीस ले, इसे दिन में 3 बार दही कं साथ सेवन कराये 
  • गुठली की गिरी 1 भाग, बेलगिऱी 1 भाग तथा मिश्री 1 भाग तीनो का चूर्णकर, 3-6 ग्राम की मात्रा में जल कं साथ सेवन करने से अतिसार में लाभ होता है।
  • गुठली की गिरी, आम की गोंद समभाग लेकर 1 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 , 3 बार सेवन करने से अतिसार मिटता है।


2:- संग्रहणी  : 

  • ताजे मीठे आमों के 50 ग्राम ताजे रस में 20-25 ग्राम मीठा दही तथा एक चम्मच शुठी चूर्ण बुरक कर दिन में दो तीन बार देने से कुछ ही दिन में पुरानी संग्रहणी अवश्य दूर होती है।
3:- हेजा :
  •  हैजे की शुरुआती अवस्था में, 20 ग्राम आम के पत्तों को कुचल कर आधा किलो जल में क्वाथ करें, चोथा भाग शेष रहने पर छानकर गर्म पिलाने सेलाभ होता है।
  • आम का शर्बत या आम का पना बार बार पिलावें।


4:- मधुमेह : 
  • आम की छाया में सुखाये हुये 1 , 1 ग्राम पत्रो को आधा किलो जल में औटावे, चौथाई जल शेष रहने पर प्रात:-सायं पिलाने से कुछ ही दिनों में मधुमेह दूर हो जाता है।

5:- परिणाम शूल : 
  • प्रात: 8 बजे और सायंकाल 4 बजे मीठे पके आमों को इतनी मात्रा में चूसे कि आधा किलो रस पेट में चला जाये. इसके ऊपर 250 ग्राम दूध पीले, पानी बिल्कुल न पीये। एक घंटे बाद उबालकर ठंडा किया हुआ पानी, जरूरत हो तो पीले। दोपहर के भोजन में आम के रस के साथ गेहूँकी रोटी का सेवन करें। इस अवधि में अन्य कोई भोज्य पदार्थ न लें। 1 सप्ताह में आशातीत लाभ होता है।

6:- अण्डकोषवृद्धि : 
  • आम्र वृक्ष की शाखा पर उत्पन गांठ (लकडी में गाँठ बन जाती है) को गोमूत्र में पीसकर लेप करें, और ऊपर से सेंक करने पर वेदनायुक्त अण्डकोषशोथ में लाभ होता है।

7:- भस्मक रोग :  
  • मीठे आम का रस 250 ग्राम, घी 40 ग्राम, खांड 100 ग्राम तीनों को एक साथ मिलाकर सेवन करने से 15 दिन में भस्मक रोग शान्त होता है।

8:- सुजाक एवं प्रमेह :
  • आम की 25 ग्राम ताजी छाल को जौ कूट कर रात्रि में 250 ग्राम जल में भिगों कर प्रात: काल मसल कर छानकर पिलाने से 7 दिन में लाभ होता है।
  • छाया शुष्क आम के पत्तों का चूर्ण प्रात:-सायं ताजे जल के साथ 6-6 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से लाभ होता है।

विशेष :
  • आम के खाने कं बाद पाचन सम्बन्धी शिकायत होने पर, 2-3 जामुन खा लें। जामुन में आम को पचाने की तीव्र शक्ति है। जामुन उपलब्ध न होने की दशा में. चुटकी भर नमक और सोंठ पीसकर खा लें।
  • यकृत और जलोदर के रोगी को आम नहीँ खाने चाहिये।
  • आम खाने के बाद, दूध पीना, जामुन खाना, कटहल की गुठली खाना/ सूक्ष्म मात्रा में सोंठ, लवण या सिंकज बीन खाना चाहिये।

  • आम सेवन के बाद दूध पीना चाहिये। जल नहीं पीना चाहिये।

आयुर्वेद अनूठी चिकित्सा सच्ची काहानी

Ayurveda/Real atory / सच्ची कहानी 

एक रियासत के राजा अचानक गम्भीर रूपसे अस्वस्थ  (unhealthy)हो गये । भूख – प्यास पूरी तरह समाप्त हो जानेसे उनका शरीर पिला पड़ता गया और जर्जर होने लगा
राजकुमार तथा अन्य परिवारजनोनें बड़े-बड़े बड़े चिकित्सकों (Physicians) से उनकी जाँच करायी । अन्तमें उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि इनके शरीरकी ग्रन्थियों से निकलकर मुँह मेँ आनेवाला विक्षेप द्रव्य (जिसे लार कहते हैं) बनना बंद हो गया है । लार ही पाचन-क्रियाका प्रमुख साधन है । उसका बनना बंद होने से ही उन्हें भूख – प्यास से वछित होना पडा है
ऐलोपैथी पद्धतिके (Allopathic treatment) बड़े बड़े चिकित्सकों को बम्बई- कलकत्ता से बुलाया गया, कई विदेशी डॉक्टर (doctor) भी बुलाये गये । सभीने अपनी-अपनी दवाएँ दीं, किंतु राजा साहबको रोगमुक्त नहीं किया जा सका । अब तो राज्य के तमाम लोग यही समझने लगे कि राजा साहब को मृत्यु निक्ट है एक दिन अचानक राज्य के किसी गाँवके वयोवृद्ध आयुर्वेदाचार्य वैद्यजी नगरमें आये । उन्हें बताया गया कि हमारे राजा साहब एक भयंकर बीमारी से ग्रस्त हैं । यह बीमारी असाध्य घोषित हो चुकी हे बड़े बड़े डाक्टर उनका इलाज करने में असमर्थ हें
वेधजी राजाके पप्रधानमन्त्री के पास पहुँचे और बोले-‘ में भी आपके राज्यका एक नागरिक हूँ। मैंने जब राजा साहबकी बीमारी के बारे में सुना तो अपना कर्तव्य समझकर राज़महल आया हूँ। क्या में राजा साहबको देख सकता हूँ  ‘ पहले तो प्रधानमन्त्री ने उस धोती कुरता पहने , माथेपर तिलक लगाये सादे वेशभूषा वाले ग्रामीण वेध को देखकर उपेक्षा भाव दर्शाया, परंतु अन्तमेँ सोचा कि राजाको इन्हें दिखा देने में क्या हर्ज हैं उन्हें राजाके कमरेमेँ ले जाया गया
वेधजी ने राजाकी नब्ज देखी । उनकी आँखों तथा जीभ का जायजा लिया । अचानक वेध जी के मुखपर मुस्कुराहट दोड गयी । वे राजकुमार तथा प्रधानमन्त्री से बोले-‘ मैं रोगको समझ
गया हूँ। अब यह बताओं कि इन्हें दवा खिलाकर स्वस्थ करूँ या दवा दिखाकर ?
कुछ देर चुप रहनेके बाद वेध जी ने कहा-‘ आप 10 युवक’ 10 चाकू तथा 10 नीबू मंगाइए । मैँ अभी इन्हें रोगमुक्त करके पूर्ण स्वस्थ बनाता हूँ, यह सुनकर सभी आश्चर्ये में पड़ गए की वेधजी का यह अनूठा नुस्का आखिर किस तरह राजा साहब को स्वस्थ कर सकेगा , सबने कहा- ‘लगता हे वेध कोई सनकी हे’,
विचार-विमर्शके बाद युवकों, चाकुओं तथा नीबुओ की व्यवस्था कर दी गय
वैद्यजीने दसों यूवकों को लाइनमें खड़ा कर दिया हर एकके हाथमे एक नीबू तथा चाक़ू थमा दिया । उन्हें बताया कि मै जैसे ही संकेत करूँ एक युवक राजा साहब के पास पहुँचे, उनके मुख के पास नीबू लाएगा नीबू को चाकूसे काटे तथा उसके दोनों हिस्से यहाँ रखे बर्तनमेँ निचोडे । इसके बद दूसरा युवक भी ऐसा ही करेगा
राजा साहबके कमरे में रानी, राजकुमार, प्रधानमंत्री आदि बैठे इस अनूठी (ayurveda) आयुर्वेदिक  चिकित्साके प्रयोगको देख रहे थे वैद्यजीके संकेतपर एक युवक कमरेमें आया-उसने राजा साहब को प्रणाम किया, नीबू मुँहके पास ले जाकर चाकू से नीबू काटा तथा उसके दोनों हिस्सों को निचोड़ दिया
तीन युवकोंके इस प्रयोगके बाद राजा साहबने जीभ चलायी । चौथे यूवक ने जैसे ही नीबू काटकर रस निचोडा कि राजा साहबकी आँखों में चमक आने लगी । नीबू के रस की धारको
देखकर नीबूका चिन्तन करके राजा साहबके मुँहमेँ पानी ( लार आने लगा था । उनकी ग्रन्थियों ने लार बनानी शुरू कर दी थी
देखते-ही-देखते राजा साहबका मुँह लारसे भरने लगा वेद्यजीने उन्हें नीबूके रसमेँ तुलसीपत्र तथा काली मिर्च डलवाकर पिलवायी । कुछ ही देरमें राजा साहब उठ बैठे । उनके शरीर की लार बनानेवाली ग्रन्थिर्यों अपना कार्य करने लगी अब तो राजा साहबका पूरा परिवार उन ग्रामीण वैद्यजीके प्रति नतमस्तक हो उठा था । देश विदेश के अंग्रेजी- डॉक्टर राजा साहबको नोरोगी नहीं कर पाये थे, वहीं एक साधारण वैध्य जी ने अपने एक देशी (ayurveda)आयुर्वेदिक नुस्खे से राजा साहबको रोगमुक्त (Disease free) कर दिखाया था

मोटापा दूर करें इन जबर्दस्त उपायों से

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मोटापा (obesity) एक प्रकारका रोग है, इसके होनेके दो मुख्य कारण हैं, एक है-आनुवंशिक अर्थात् वंशगत जिनके माता-पिता मोटे होते हैं, उनकी संतान प्राय: मोटी होती है । दूसरा कारण है- भूख से अधिक खाना, शारीरिक श्रम नहीं करना, ज्यादा आरामदायक जिवन बिताना। जो लोग खाना खाकर पड़े रहते हैं, उन्हें मोटापा आ जाता है । साधारणत: मोटापे की पहचान यह है कि जितने इंच शरीरकी ऊँचाई हो, उतने किंलो शरीरका वजन ठीक है। इससे अधिक होनेपर “मोटा” और कम होनेपर ‘पतला’ कहा जायगा ।
बचपन (Childhood) और किशोर (teenager) अवस्था में दौड़…भाग, खेलना कूदना प्राधान्य होता है- इस कारण शरीर में फालतू चर्बी (excess fat) जमा नहीं हो पाती, खर्च हो जाती है जो उम्र के बढ़नेपर शरीरसे मेहनत नहीं करते और काबोंहाइड्रेट (Karbonhidrat) तथा अधिक केलोरिवाला (Kelori) आहार करते हैं, उनके शरीरपर चर्बी जमा होने लगती है । पैट, कुल्हा, कमर, नितम्ब मोटे हो जाते हैं । चलने-फिरनेमें कष्ट होता है। खूनका दौरा धीमा पड़ जाता है। रक्तवाहिनी नसोंमें कोलेस्टेराल (Cholesterol) (वसा) जम जाता है इस कारण हाई ब्लडप्रेशर (High Blood pressure) और हृदयरोग हो जाते हैं शारीरिक श्रम नहीं होनेसे कब्ज हो जाता है-अपच और डायबिटीज (मधुमेह) हो जाता है । रक्त-संचार ठीक नहीं होनेसे रोग-प्रतिरोधक शक्ति घट जाती है मोटापासे शरीर बेडौल हो जाता है। मोटापा एक घातक रोग बन जाता है। अत: मोटापा शुरू होते ही इसको दूर करने के उपाय करने चाहिए ।
मोटापा दूर करने या इससे बचनेके दो मुख्य उपाय हैं, पहला है- भोजन सुधार और दूसरा है-प्रतिदिन शारीरिक श्रमा जिन पदार्थोंमेँ काबोंहाहड्रैट अधिक हो उनका सेवन न करें । तेल, घी, डालडासे बनी चीजें न खाये । आलू शकरकन्द और चीनीसे बनी चीजें न खाये । दिनचर्या इस प्रकार बनायें-सवेरे जल्दी उठें और एक गिलास गुनगुने गरम पानीमें कागजी नीबू निचोड़कर उसमें दो चम्मच शुद्ध मधु मिलाकर पी जायँ तथा कुछ समय टहले । फिर शोचके लिये चले जायँ । इसके बाद दातोंन-मंजन कर टहलनेके लिये निकल जायें। नित्य तीन-चार किलोमीटर अवश्य टहले । जो बाहार जाना नहीं चाहते वे अपने घरकी छत्तपर या आंगन में टहल सकते हैं । हलके व्यायाम कर सकते है । नाश्तेमें रसदार फलले या मक्खन निकला मट्ठा ले।दोपहरके भोजनमें जौ के आटे की एक-दो रोटी, उबली सब्जी, कच्चा सलाद और सूप ले ।
तीसरे पहर फलोंका रस ले। रातके भोज़नमें हरी उबली सब्जी और एक-दो जोके आटेकी रोटी खावै’ भोजन के तुरंत बाद पानी न पीये । मोटापा कम करनेके लिये भोजनमें रोटी कम खाये और सब्जी, कच्चा सलाद और सूप अधिक ले। दिनमें न सोए मोटी महिलाओं को घर के काम यथासम्भव स्वयं करने चाहिये इस तरह मोटापा नहीं बढेगा । शरीरमें ताजगी और स्फूर्ति  आयेगी। शरीर सुन्दर, स्वस्थ और कांतिवान बनेगा’ क्रोध, चिन्ता और शोक…ये स्वास्थ्य और सोन्दर्य का नाश करते हें, अत: इनसे बचते रहें,