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पेट के समस्त रोगों का इलाज पेट में भारीपन जलन अरुचि फूलना

पेट में अनेको रोग होते रहते है यदि इनका समय रहते इलाज न हो तो ये Pet के साधारण रोग काफी बड़े हो जाते है इस लेख में काफी आसान नुस्खे दिए गए है जिनके इस्तेमाल से आप Pet ke rogo ko dur kar sakte hae.

पेट के समस्त रोगों का इलाज

पेट में भारीपन के नुस्खे Pet ke rogo ko dur kar sakte hae.

  • चने का क्षार 2 से 6 रत्ती अथवा प्रभावी क्षार 5 से 10 बूंद दो-तीन बार दो-दो घंटे लेने से Pet  का भारीपन मिटता है|
  • बैगन को अंगारों पर सेककर उसमे सज्जिखर मिलाकर पेट पर बंधने से पेट के भारीपन का शमन ओता है|
  • द्रास्ख और सौफ दो-दो तोला लेकर आधा लीटर पानी में भिगोकर रख दीजिए, सुबह उसे मसल और छानकर तथा उसमे एक तोला शक्कर मिलाकर कुछ दिनों तक पिने से पेट का भारीपन  दूर हो जाता है |

पेट कि जलन के नुस्खे

  • अजवाइन और नमक पीसकर उसकी फंकी लेने से पेट कि जलन का शमन होता है |
  • धनिया और जीरा 10-10 ग्राम लेकर उन्हें अधकुटा कर लीजिये और 3 से 250 मी.ली. पानी में रात को भिगोकर रख दीजिये, सुबह उसे मसल-छानकर उसमे शक्कर डालकर चार-छ: दिन तक पिने से पेट कि जलन शांत होती है |
  • धनिया और शक्कर का शरबत बनाकर पिने से भी पेट कि जलन दूर होती है |
  • अजवाइन को तवे पर भुनकर उसमे संभाग में सेंधा नमक मिलाकर चूर्ण बना ले, तीन ग्राम कि मात्रा में यह चूर्ण ग्राम पानी के साथ लेने से पेट कि जलन मिटती है |

अरुचिनाशक नुस्खे

मोटापा एक दिन में कम करने के घरेलु नुस्खे

  • 20 तोला अदरक छीलकर उसकी चटनी बनाइए, फिर इसे 20 तोला घी में भुनी, तब वह  लाल हो जाए तब उसमे 40 तोला गुड डालकर हलवे जैसा गाढ़ा अक्लेह बनाइए एक-एक तोला इस अक्लेह को सुबह-शाम प्रतिदिन खाने से अरुचि विकार दूर होता है और भूख  खुलकर लगती है |
  • नीम्बू का रस एक भाग और शक्कर छ: भाग चासनी लेकर उसमे लौंग और काली मिर्च का थोड़ा-सा चूर्ण मिलाकर, शरबत बना कर पिने से अरुचि का शमन होता है | और आहार का पाचन होता है |
  • सौंठ एक तोला कलि एक तोला, पिपरी एक तोला और सेंधा नमक एक तोला इन सभी को कूटकर कपड़े से छानकर चूर्ण बनाइए, इसमें 40 तोला काली द्राक्ष बीज (बीज निकली हुई) मिलाइए, इसे चटनी कि तरह पीसकर किसी कांच के बर्तन में भरकर रख लें | इस अवलेह को प्रतिदिन आधे से दो तोले तक सुबह-शाम सेवन करें | यह अरुचिनाशक तो है ही, साथ ही अन्य पेट विकारों का शमन भी करता है |

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मोटापा एक दिन में कम करने के घरेलु नुस्खे

मोटापा घटेगा अब रोग 1 किलो वजन कम करे /  weight loss tips at home in hindi

मोटापा दुनिया को दुखी कर राहा है

मोटापे से जहाँ शरीर भद्दा और बेडौल दिखाई देता है, वहीं स्वास्थ्य से सम्बंधित कुछ व्याधियाँ पैदा हो जाती हैं, लिहाजा

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मोटापा weight loss tips at home in hindi

मोटापा किसी भी सूरत में अच्छा नहीं होता। बहुत कम स्त्रियाँ मोटापे का शिकार होने से बच पाती हैं। हर समय कुछ न कुछ खाने की शौकीन, मिठाइयाँ, तले पदार्थों का अधिक सेवन करने वाली और शारीरिक परिश्रम न करने वाली स्त्रियों के शरीर पर मोटापा आ जाता है।

भोजन के अन्त में पानी पीना उचित नहीं, बल्कि एक-डेढ़ घण्टे बाद ही पानी पीना चाहिए। इससे पेट और कमर पर मोटापा नहीं चढ़ता, बल्कि मोटापा हो भी तो कम हो जाता है।

आहार भूख से थोडा कम ही लेना चाहिए। इससे पाचन भी ठीक होता है और पेट बड़ा नहीं होता। पेट में गैस नहीं बने इसका खयाल रखना चाहिए। गैस के तनाव से तनकर पेट बड़ा होने लगता है। दोनो समय शौच के लिए अवश्य जाना चाहिए।

भोजन में शाक-सब्जी, कच्चा सलाद और कच्ची हरी शाक-सब्जी की मात्रा अधिक और चपाती, चावल व आलू की मात्रा कम रखना चाहिए।

सप्ताह में एक दिन उपवास या एक बार भोजन करने के नियम का पालन करना चाहिए। उपवास के दिन सिर्फ फल और दूध का ही सेवन करना चाहिए।

पेट व कमर का आकार कम करने के लिए सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले नाभि के ऊपर के उदर भाग को ‘बफारे की भाप’ से सेंक करना चाहिए। इस हेतु एक तपेली पानी में एक मुट्ठी अजवायन और एक चम्मच नमक डालकर उबलने रख दें। जब भाप उठने लगे, तब इस पर जाली या आटा छानने की छन्नी रख दें। दो छोटे नैपकिन या कपड़े ठण्डे पानी में गीले कर निचोड़ लें और तह करके एक-एक कर जाली पर रख गरम करें और पेट पर रखकर सेंकें। प्रतिदिन 10 मिनट सेंक करना पर्याप्त है। कुछ दिनो में पेट का आकार घटने लगेगा।

सुबह उठकर शौच से निवृत्त होने के बाद निम्नलिखित आसनों का अभ्यास करें या प्रातः 2-3 किलोमीटर तक घूमने के लिए जाया करें। दोनों में से जो उपाय करने की सुविधा हो सो करें।

भुजंगासन, शलभासन, उत्तानपादासन, सर्वागासऩ, हलासन, सूर्य नमस्कार। इनमें शुरू के पाँच आसनों में 2-2 मिनट और सूर्य नमस्कार पाँच बार करें तो पाँच मिनट यानी कुल 15 मिनट लगेंगे।

भोजन में गेहूँ के आटे की चपाती लेना बन्द करके जौ-चने के आटे की चपाती लेना शुरू कर दें। इसका अनुपात है 10 किलो चना व 2 किलो जौ। इन्हें मिलाकर पिसवा लें और इसी आटे की चपाती खाएँ। इससे सिर्फ पेट और कमर ही नहीं सारे शरीर का मोटापा कम हो जाएगा।

प्रातः एक गिलास ठण्डे पानी में 2 चम्मच शहद घोलकर पीने से भी कुछ दिनों में मोटापा कम होने लगता है। दुबले होने के लिए दूध और शुद्ध घी का सेवन करना बन्द न करें। वरना शरीर में कमजोरी, रूखापन, वातविकार जोड़ों में दर्द, गैस ट्रबल आदि होने की शिकायतें पैदा होने लगेंगी।

ऊपर बताए गए उपाय करते हुए घी-दूध खाते रहिए, मोटापा नहीं बढ़ेगा। इस प्रकार उपाय करके पेट और कमर का मोटापा निश्चित रूप से घटाया जा सकता है ।

health tips 17 आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे स्वास्थ्य के लिए

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मोटापा कम करने के 10 तरीके

avoid obesity tips in hindiमोटापा आज एक आम समस्या हो गई है आज की जीवन शेली ज्यादा आराम दायक हो गई हे जिससे शारीरिक मेहनत खत्म हो चुकी हे और ये ही कारण हे की आज मोटापे की समस्या इतना भयंकर रूप लेती जारही है । 
यदि हम मोटापे को समय रहते ना रोक सकें तो इस मोटापे के कारण अनेक रोग जन्म लेते हें जैसे – शुगर, हाई ब्लडप्रेशर , तनाव , गैस बनना, और अंत में मोत होना, आज भारत योगी पर में आपको इस्सी छुटकारे के तरीके बताऊंगा यदि आप इन त्रिकोण का इस्तेमाल करते हैं तो आप अपना मोटापा घटा सकतें हैं। यदि आप मोटे नही भी हें तो इन स्वास्थ्यवर्धक तरीकों से स्वस्थ रह सकते हें मेने ये लेख आप की ही सहयता करने के लिए लिखा है उमीद करता हूँ ये आपके कुछ काम आएगा।

  1. रोज सुबह एक गिलास गुनगुना पानी पिए कुछ ही दिनों में आप देखेंगे की आप का वजन कम होने लगा है इस एक गिलास गुनगुने पानी को पिने से और भी काफी सारे रोग खत्म होगे यानी की एक तीर से कई निसान विशेष – गुनगुना पानी उकडू बेठ कर ही पिएँ और बिलकुल थोडा थोडा पिएं  तभी फायेदा होगा ।                                                                                                                                                                                                                  
  2. रोज सुबह 11 बजे तक खाना खालें और शाम को सूरज छिपने से पहले भोजन करलें क्योंकि इस समय हमारी पाचन शक्ति सबसे ज्यादा मजबूत होती है अग्नि ज्यादा तेज होती है ।                                                                                                                              
  3. जब भी भोजन करें तो रोटी का छोटा टुकड़ा तोड़ें और उसे कम से भी कम 30 बार चबाएं इससे एक फायेदा तो ये होगा की आप सिर्फ उतना ही भोजन करंगे जितनी आपको भूख होगी और ज्यादा ठूस ठूस कर नही खा पाएँगे ।                                                                                                                                                                                                
  4. आंवले का जूस पियें रोज सुबह खाली पेट और शाम को खाना खाने के बाद सोते समय ध्यान रहे हल्के गन गुने पानी के साथ पियें, आप आंवले का जूस बाजार से खरीद सकते हैं बाबा रामदेव का खरीद लें आसानी से मिल जाएगा किसी भी पतंजली स्टोर पर ।                                                                                                                                                      
  5. रोज सुबह व्यायाम करें दोड लगाएं, सुबह जल्दी उठने की आदत बनाएं योग करें बड़ी जल्दी लाभ होगा।                                                                                                                                                                                                                   
  6. देसी चने खाने में इस्तेमाल करें रात को कच्चे चने भिगो दे और रोज सुबह उन्हें खाएं और देसी गायें का दूध पिए विशेष देसी गाएं के दूध से चरबी नही बढती बल्कि शरीर में अदभुत बल उतपन होता है।                                                                                                                 
  7. चिकनी चीजे, मसाला , चाये , कोफ़ी, बाजार की चीजे आदि ना खाएं, किसी भी प्रकार का नशा ना करें, खाना खाने से 1 घंटा पहले पानी पिएँ और खाना खाने के 2 घंटे बाद पानी पिए                                                                                                                                 
  8. बार बार ना खाएँ केवल दिन में 2 बार खाएं सुबह और शाम शाम को ठोस भोजन ना करें बल्कि दलिया या खिचड़ी का प्रयोग करें।                                                                                                                                                                                     
  9. लासी (मठा) और दही का भोजन में इस्तेमाल करें इससे भी चरबी घटती है।                                                                                                                                       
  10. एसी और तेज चलने वाले पंखें के निचे ना सोएं इनसे भी वजन बढ़ता है। हमें तामसिकता से दूर रहना चाहिय।                                                                                                                                          

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मोटापा दूर करें इन जबर्दस्त उपायों से

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मोटापा (obesity) एक प्रकारका रोग है, इसके होनेके दो मुख्य कारण हैं, एक है-आनुवंशिक अर्थात् वंशगत जिनके माता-पिता मोटे होते हैं, उनकी संतान प्राय: मोटी होती है । दूसरा कारण है- भूख से अधिक खाना, शारीरिक श्रम नहीं करना, ज्यादा आरामदायक जिवन बिताना। जो लोग खाना खाकर पड़े रहते हैं, उन्हें मोटापा आ जाता है । साधारणत: मोटापे की पहचान यह है कि जितने इंच शरीरकी ऊँचाई हो, उतने किंलो शरीरका वजन ठीक है। इससे अधिक होनेपर “मोटा” और कम होनेपर ‘पतला’ कहा जायगा ।
बचपन (Childhood) और किशोर (teenager) अवस्था में दौड़…भाग, खेलना कूदना प्राधान्य होता है- इस कारण शरीर में फालतू चर्बी (excess fat) जमा नहीं हो पाती, खर्च हो जाती है जो उम्र के बढ़नेपर शरीरसे मेहनत नहीं करते और काबोंहाइड्रेट (Karbonhidrat) तथा अधिक केलोरिवाला (Kelori) आहार करते हैं, उनके शरीरपर चर्बी जमा होने लगती है । पैट, कुल्हा, कमर, नितम्ब मोटे हो जाते हैं । चलने-फिरनेमें कष्ट होता है। खूनका दौरा धीमा पड़ जाता है। रक्तवाहिनी नसोंमें कोलेस्टेराल (Cholesterol) (वसा) जम जाता है इस कारण हाई ब्लडप्रेशर (High Blood pressure) और हृदयरोग हो जाते हैं शारीरिक श्रम नहीं होनेसे कब्ज हो जाता है-अपच और डायबिटीज (मधुमेह) हो जाता है । रक्त-संचार ठीक नहीं होनेसे रोग-प्रतिरोधक शक्ति घट जाती है मोटापासे शरीर बेडौल हो जाता है। मोटापा एक घातक रोग बन जाता है। अत: मोटापा शुरू होते ही इसको दूर करने के उपाय करने चाहिए ।
मोटापा दूर करने या इससे बचनेके दो मुख्य उपाय हैं, पहला है- भोजन सुधार और दूसरा है-प्रतिदिन शारीरिक श्रमा जिन पदार्थोंमेँ काबोंहाहड्रैट अधिक हो उनका सेवन न करें । तेल, घी, डालडासे बनी चीजें न खाये । आलू शकरकन्द और चीनीसे बनी चीजें न खाये । दिनचर्या इस प्रकार बनायें-सवेरे जल्दी उठें और एक गिलास गुनगुने गरम पानीमें कागजी नीबू निचोड़कर उसमें दो चम्मच शुद्ध मधु मिलाकर पी जायँ तथा कुछ समय टहले । फिर शोचके लिये चले जायँ । इसके बाद दातोंन-मंजन कर टहलनेके लिये निकल जायें। नित्य तीन-चार किलोमीटर अवश्य टहले । जो बाहार जाना नहीं चाहते वे अपने घरकी छत्तपर या आंगन में टहल सकते हैं । हलके व्यायाम कर सकते है । नाश्तेमें रसदार फलले या मक्खन निकला मट्ठा ले।दोपहरके भोजनमें जौ के आटे की एक-दो रोटी, उबली सब्जी, कच्चा सलाद और सूप ले ।
तीसरे पहर फलोंका रस ले। रातके भोज़नमें हरी उबली सब्जी और एक-दो जोके आटेकी रोटी खावै’ भोजन के तुरंत बाद पानी न पीये । मोटापा कम करनेके लिये भोजनमें रोटी कम खाये और सब्जी, कच्चा सलाद और सूप अधिक ले। दिनमें न सोए मोटी महिलाओं को घर के काम यथासम्भव स्वयं करने चाहिये इस तरह मोटापा नहीं बढेगा । शरीरमें ताजगी और स्फूर्ति  आयेगी। शरीर सुन्दर, स्वस्थ और कांतिवान बनेगा’ क्रोध, चिन्ता और शोक…ये स्वास्थ्य और सोन्दर्य का नाश करते हें, अत: इनसे बचते रहें,