लालच पर कहानी लालच बुरी बला है धोखे बाजो से सावधान

लालच बुरी बला है धोखेबाजों से सावधान

लालच बुरी बला है

Hindi me kahani तो आपने काफी पढ़ी होंगी और ये hindi me kahani हमे अच्छी शिक्षा भी देती है ताकि हम अच्छे इन्सान बनसके उमीद आहे ये काहानी आपको पसंद आयेगी

 

 

lalach buri bala hai

एक तालाब के किनारे शेर रहता था उसके पास एक सोने का कड़ा था शेर धूर्त था वह उस कड़े का लोभ दिखाकर आने जाने वाले मुसाफिरों को अपना शिकार बनाता था लालच बुरी बला है

एक दिन एक सेठ जी तालाब के किनारे से होते हुए जा रहे थे शिकार को देखकर शेर पानी में जा बैठा जैसे ही सेठ जी शेर के पास पहुंचे शेर ने अपना शिकार फसाने वाला मंत्र पढ़ा ऐ मुसाफिर रुको मेरे पास एक सोने का कड़ा है आकर ले जाओ यह शब्द सेठ जी के कानों में पडे और रुक गए शेर ने फिर यही पुकारा सेठ जी ने सोचा ऐसा अवसर तो सौभाग्य से मिलता है

लालच पर कहानी लालच बुरी बला है

लेकिन शेर को देखकर डर गए सेठ जी सोचते रहे की क्या किया जाए कि जान भी बन जाए और सोने का कड़ा भी हाथ आ जाए सेठ स्वभाव के लालची थे साथ ही यह भी सोच रहे थे कि शेर मांसाहारी होता है इसके पास जाना तो जानबूझकर प्राण गवाना है लालच बुरी बला है

दूसरी ओर शास्त्र कहते हैं कि भूल कर भी नदी, शस्त्रधारी, मूर्ख व्यक्ति का विश्वास नहीं करना चाहिए सेठ जी ने शेर की परीक्षा लेनी चाहि पूछा दिखाओ तुम्हारे सोने का कड़ा कहां है?

लालच पर छोटी कहानी

शेर ने तुरंत हाथ पानी में से निकाल कर कड़ा सेठ जी को दिखा दिया सेठ जी ने कहा तुम तो हम लोगों को खाने वाले हो इसलिए मैं तुम पर विश्वास नहीं कर सकता शेर ने अपनी बात को जारी रखा और कहा

हे मुसाफिर मुझसे ना जाने कितने निर्दोष मनुष्य आदि की हत्या हुई है मेरी अज्ञानता के कारण बहुत पाप हुए हैं जिससे मेरा पूरा परिवार नष्ट हो गया अब मैं अपने पापों का प्रायश्चित कर रहा हूं मुझे एक महात्मा ने धार्मिक उपदेश दिया कि आप का प्रायश्चित तभी होगा जब आप दान पुण करें प्रतिदिन एक सोने का कड़ा दान देवें इसलिए मैं नित्य राहगीर को एक कड़ा दान में देता हूं लालच बुरी बला है

लालच का फल पर कहानी

सेठ जी शेर के धर्म वचन को सुनकर लालच में आ गए और जहां पहुंचा शेर के पास और बोला लाओ दे दो सोने का कड़ा शेर ने एक और अंतिम दाव खेला कि आप पहले तालाब में स्नान कर लेना तभी मैं कड़ा दूंगा सेठ जी जैसे ही वस्त्र निकालकर तालाब में पहुंचे तो शेर ने सेठ जी को तुरंत दबोच लिया और एक ही झटके में उसकी हत्या कर अपनी भूख को शांत किया

शिक्षा- मनुष्य को कभी भी लालच में आकर अविश्वसनीय पर विश्वास नहीं करना चाहिए दुष्टों का स्वभाव कभी नहीं बदलता अतः उन से दूर रहने में ही भलाई है

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