बच्चो को अच्छी सिख देने वाली कहानी Kids Story In Hindi

Kids Story In Hindi नमस्कार दोस्तों दोस्तों आज आप भारत योगी पर एक ऐसी कहानी पढेंगे जिसको पढ़कर आपको जीवन में एक अच्छी सीख मिलेगी कुछ अच्छा करने की (Kids Story In Hindi) प्रेरणा मिलेगी और दोस्तों यह कहानी बच्चों को तो जरूर से भी जरूर पढ़नी चाहिए

 Kids Story In Hindi बच्चो को अच्छी सिख देने वाली कहानी दोस्तों काफी समय पहले की बात है एक काफी विशाल जंगल था और वहां पर एक काफी सुंदर और काफी बड़ा सेब का पेड़ था उस पेड़ पर रोज एक बच्चा आता और उस पेड़ पर खेलता और कभी दोस्तों पेड़ की डाली पर लटक जाता कभी उसके फल तोड़ता कभी उस पर उछल कूद मचाने लगता और जो सेब का पेड़ था वह भी उस बच्चे की उछलकूद से काफी ज्यादा खुश रहता था Kids Story In Hindi

Kids Story In Hindi बच्चों की कहानियाँ

इसी तरह दिन और रात भी बीते काफी वर्ष व्यतीत हो गए काफी वर्ष बीत गए और 1 दिन बच्चे ने अचानक वहां आना बंद कर दिया अचानक से कहीं चला गया था और फिर वह लौटकर भी नहीं आया और काफी समय तक जो पेड़ था उसका इंतजार करता रहा काफी समय तक इंतजार करने के बाद भी जब वह नहीं आया तो पेड़ काफी उदास उदास रहने लग गया था

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फिर अचानक काफी सालों बाद काफी वर्षों बाद वह बच्चा वापस आया जब तक वह थोडा बड़ा हो चुका था काफी बड़ा हो चुका था और उसे देखा तो पेड़ काफी ज्यादा खुश हुआ और उसको कहा कि आओ खेलें पर जो बच्चा था जो काफी समय बाद आया था वह पेड़ से बोलता है कि अब मैं बड़ा हो गया हूं और अब मैं उसके साथ नहीं खेल सकता और बच्चा उस पेड़ को कहने लगा कि अब तो मुझे खिलौने अच्छे लगते हैं मैं खिलौने के साथ खेलना चाहता हूं लेकिन मेरे पास खरीदने के लिए पैसे नहीं है

तब पेड़ बोला कि मित्र तुम उदास ना हो मेरे जो फल (सेब) है तुम इन्हें बाजार में ले जाकर बेच दो बच्चा काफी खुश हुआ और उसने फल तोड़े और बाजार में जाकर बेच दिए फिर उसने वहां से खिलौने खरीदे और फिर से अचानक वह बच्चा वहां पर आना बंद हो गया और फिर पेड़ दोबारा उदास रहने लगा

काफी समय बाद वह बच्चा फिर आया तब वह काफी थका हुआ था

काफी उदासी भरे स्वर में पेड़ ने कहा अब तो ना मेरे पास में फल है ना ही मेरे पास में लकड़ी है अब मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर पाऊंगा

तब वह बच्चा जो बूढ़ा हो चुका था वह बोला कि अब मुझे कोई सहायता नहीं चाहिए बस मुझे एक जगह चाहिए जहां पर मैं अपनी बाकी की जिंदगी गुजार सकूं तब पेड़ ने उसे अपनी जड़ों में पनाह दी और वह बुढा हमेशा पेड़ की जड़ों में ही रहने लगा

शिक्षा :- बच्चों हमें इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि आज की जो नई पीढ़ी है वह अपने माता पिता से काफी सहायता लेती है बचपन से बड़े होने तक काफी सहायता लेते हैं लेकिन एक दिन वह उन्हें छोड़ कर चले जाते हैं और सिर्फ अपने स्वार्थ पूर्ती के लिए इधर से उधर भटकते हैं और तभी वापस आते हैं जब उन्हें कोई जरूरत होती है और धीरे-धीरे समय बीतता जाता है उसी प्रकार जीवन बीत जाता है हमें अपने माता पिता की सेवा करनी चाहिए

बच्चों इस कहानी में आपने देखा कि कैसे वह पेड़ उस बच्चे की मदद करता है उसके साथ में खेलता है और जब उसे जरूरत होती है तो उसे अपने फल भी देता है और वह उसे बेचकर खिलौने भी खरीद लेता है लेकिन जब बच्चे का स्वार्थ पूरा हो जाता है तब वह उस पेड़ के पास में नहीं आता उसके साथ में नहीं खेलता हमें इस प्रकार के स्वार्थ को भूलकर हमेशा एक अच्छा इंसान बनने की तरफ बढ़ना चाहिए

बुद्धिमान व्यापारी

चाहे आप कितने भी व्यस्त क्यों ना हो लेकिन फिर भी आपको अपने भाई बंधु जनों के लिए समय निकालना ही चाहिए

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