shighrapatan ka gharelu ilaj in hindi me

Premature ejaculation / वीर्यपुष्टि, शीघ्रपतन 

चिंता, मानसिक तनाव का पुरुषो और महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर सीधा असर पड़ता है। इसके कारण पुरुषों मे नपुंसक्ता, योन सम्बन्धों के प्रति अरुचि और असामान्य शुक्राणुओं में वृद्धि हो जाती है। तनाव के कारण गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर दुष्प्रभाव पड़ता है । बच्चे का जन्म समय से पहले हो सकता है या उसका वजन कम हो सक्ता है। तनाव को टालने के लिए रचनात्मक सोच रखना, नियमित दिनचर्या और नियमित व्यायाम करना आवश्यक है।

शीघ्रपतन के इलाज के लिए घरेलू उपाय

shighrapatan ka gharelu upchar hindi me शीघ्रपतन का घरेलू नुस्खों द्वारा इलाज 
  • कतीरा- आधा चम्मच कूटा हुआ कतीरा रात को एक गिलास पानी में भिगो दें। प्रात: इसमे शक्कर मिलाकर खायें। इससे शुक्रतारल्य ठीक हो जाता है।


  • मुनक्का- रक्त और वीर्य वृद्धि- 60 ग्राम मुनक्का धोकर भिगो दें। बारह घंटे बाद इनको खाएं। भीगी हुई मुनक्का पेट के रोगों को दूर कर रक्त और वीर्यं बढाती है । मुनक्का धीरे-धीरे बढा कर दो सो ग्राम तक ले सकते है । वर्ष में इस तरह तीन-चार किलो मुनक्का खाना बहुत लाभदायक है।


  • जामुन- जिनका वीर्य पतला है, जरां-सी उत्तेजना से ही निक्ल जाता है, वे 5 ग्राम जामुन की गुठली का चूर्ण नित्य शाम को गरम दूध से लें। इससे वीर्यं बढता भी है।


  • नाशपाती- नाशपाती शुक्रवर्धक है।


  • छुहारा- शीघ्रपतन (premature ejaculation) और पतले वीर्य वालों को पाँच छुहारे नित्य खाना चाहिए।


  • चना- (1) सिके हुए चने या भीगे हुए चने खाकर ऊपर से दूध पीने से वीर्यं गाढा होता है।                                                                                                                              (2) भीगी हुईं चने की दाल में शक्कर मिलाकर रात की सोते समय खायें। इससे धातु पुष्ट होती है।


  • बादाम- जिनका वीर्यं संभोग के आरम्भ होते ही निक्ल जाय वे बादाम की गिरी 6, काली मिर्च 6, सोंठ 2 ग्राम, मिश्री इच्छानुसार सब को मिलाकर  खाये, ऊपर से गरम दूध पीये। 


  • बेर- बेर वीर्यवर्धक है।


  • दालचीनी- दालचीनी बारीक पीस ले। 4-4 ग्राम प्रात: व रात को सोते समय गरम दूध से फंकी लें। इससे वीर्य वृद्धि होती है, दूध पच जाता है।


  • इसबगोल- इसबगोल, शर्बत खशखश, मिश्री-प्रत्येक पाँच ग्राम पानी में मिलाकर पीने से शीघ्र वीर्य-पतन बन्द हो जाता है।


  • तुलसी- (1) तुलसी की जड़ या बीज पान में रखकर खाने से शीघ्रपतन दूर होता है । देर तक रुकावट होती है। वीर्य पुष्ट होता है।                                                                                                                                                          (2) तुलसी के बीज 60 ग्राम, मिश्री 75 ग्राम दोनों को पीस लें । नित्य 3 ग्राम दूध से ले। इससे धातु दोरबल्य में लाभ होता है।                                                                                                                                              (3)  3 ग्राम तुलसी के बीज या जड़ का चूर्ण समान मात्रा मे पुराने गुड में मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से पुरुषत्व की वृद्धि होती है । पतला वीर्य गाढा होता है तथा उसमे वृद्धि होती है।

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