dry skin रुखी त्वचा का कारण और इलाज

रुखी त्वचा का इलाज


Skins त्वचा दो प्रकार की होती हैँ…

तेलीय त्वचा (oily skin) और रूखी त्वचा (dry skin) । रूखी त्वचा कडी होती है । प्राकृतिक रूप से इसे चिकनाई प्रदान करने वाले तत्व नहीं मिल पाते, क्योंकि एसी त्वचा में सिबेशियस ग्रंथियाँ (sebaceous glands) पूर्ण रूप से काम नहीं करती हैं । इससे उसे पूर्ण नमी नहीँ मिल पाती । जबकि वाश्पिकर्ण प्रक्रिया के काऱण त्वचा की कोशिकाओं से पानी उड़ता रहता है, फलस्वरूप त्वचा में रूखापन आ जाता है।

त्वचा की लाखो कोशिकाओं में जल का स्तर, हारमोन बाहर के वातावरण से नियंत्रित होता है। अगर मौसम गरम है तो त्वचा से पानी तेजी से वासपिकर्ण होगा और त्वचा सूख जायेगी। अगर वातावरण बरसाती है तो त्वचा में नमी बनी रहती है। त्वचा में भी कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व होते है, जो उसे नम बनाये रखते है ओर उन्हीं तत्वों की मदद से त्वचा अपनी नमी बनाये रखती है, लेकिन बढती उम्र के साथ-साथ ऐसे प्राकृतिक तत्व खत्म होते जाते है और त्वचा सूखने लगती है।

सूखी त्वचा को नमी और चिकनाई वाले तत्वों कीं आवश्यकता होती है । रूखी त्वचा खास तोर से गले और आँखों के आस-पास की होती है, क्योंकि इन स्थानों पर प्राकृतिक तेल कम मात्रा में रिसता है और गले, आँखों के आस-पास पतली-पतली धारियाँ (झुर्रियाँ)- सी आने लगती है। साबुन लगाने के बाद त्वचा और सूखी हो जाती है इसलिए रिखी तवचा को अधिक धोना नहीं चाहिए। सूर्य कीं रोशनी से जितना संभव हो बचें क्योंकि इससे त्वचा का जल स्तर और घट जाता है।

40 साल के बाद स्त्री मेनोपाज की ओर भी बढने लगती है। हारमोनल परिवर्तन के फलस्वरूप सिबेशियस ग्लेड्स सिकुड़ने लगती हैं और कम तेल बनाने लगती हैं। परिणामस्वरूप स्वरूप त्वचा रुखी होने लगती है। उसपर क्रेकस पड़ने लगते हैं।

इस उम्र में त्वचा के रूखेपन के बावजूद एवने की समस्या हो सकती है साथ में हल्की जलन और लालिमा भी हो सकती है । ऐसा होने पर गर्म पेय पदार्थों और मिर्च-मसालों से बचिए उपचार के लिए किसी अधिक तेलवाले लोशन और क्रीम का इस्तेमाल कीजिए।

इस उम्र में भोजन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। अगर आप शाकाहारी है तो इस बात पर जरूर ध्यान दीजिए कि आपको समुचित प्रोटीन मिल रहा है । चिकनाई कीं मात्रा को संतुलित कीजिए। काफी मात्रा में फ़ल एवं हरी सब्जियाँ खाईय। इस बात की और भी ध्यान दिजिय की आप पर्याप्त रेशेदार भोजन ले रहे है अथवा नहीं। नमक की मात्रा कम कर दीजिए। पानी खूब पीजिय । चाय, कॉफी, साफ्ट ड्रिंक्स की मात्रा कम कर दीजिए।

इस उम्र में आपको लगभग 20 मिनट तक व्यायाम करने का लक्ष्य बना लेना चाहिए। तेल से मालिश किया करें किसी भी प्रकार का नशा जैसे धुम्रपान या दारु पीना त्वचा को रुखी बनाते हैं अतं इनसे बचें। 

रुखी त्वचा के उपचार घरेलू नुस्खे home remedies for dry skin

  • नांरगी- नारंगी के छिलकों को छाया में सुखा क्र पीस ले। इनको दूध में मिलाकर त्वचा पर मलें। आप इनकों जन्हा पर भी मलेंगे, वहॉ की त्वचा मुलायम हो जायेगी।

  • घी- देसी गौ माता के घी से जन्हा भी मालिस करेंगे वंहा की त्वचा मुलायम हो जाएगी और चमक भी बढ़ेगी। 

  • दूध- त्वचा पर दूध की मलाई (दूध को गर्म करते समय जो परत जमती है) को मलने से त्वचा मुलायम होती है । धूप की जलन से बचने के लिए दूध की मलाई और गुलाबजल मिलाकर मलें । दूध की मलाई और शहद मिला कर भी मल सकते हैं।  

  • पपीता- पके हुए पपीते का गूदा पीसकर चेहरे पर लेप करने से त्वचा कोमल होकर रूप निखर उठता है।

  • चिकनाई- रुखी त्वचा पर कोई भी चिकनाई लगाकर मालिस करें काफी लाभ होगा।


  • साबुन- बाजार से कोई भी साबुन ना खरीदें यदि आपको साबुन लगाना ही है तो आप पंचगव्य से बना साबुन ही खरीदें इस समय मान्य रूप से पथमेडा गोशाला का बना साबुन ले सकते हैं गूगल पर आप सर्च कीजिये पथमेड़ा गौशाला तो आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी। या फिर आप अपने आस पास कोई भी गौशाल हो तो उनसे पूछिए की वंहा साबुन बनता है पंचगव्य से


  • मुल्तानी मिटटी – मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग कीजिये नाहाते समय आपकी त्वचा की चिकनाई और नमी भी मिलेगी और चरम रोग भी खत्म होंगे
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