कब क्या खाएं ?

foods not to eat

जब मलेरिया हो तो दूधमौसमीनारंगीगन्ने का रस दें । ज्वर उतरने पर साबूदाना, पतली दाल, दलिया दें । ठोस चीज खाने को न दें
टान्सिल बढ़ने, गले में दर्द होने पर गुनगुने जल में नमक और फिटकरी डालकर गरारे करें चाय की पतियों को उबाल कर छानकर उस पानी से गरारे करने से भी लाभ होता है।
दस्त – दही, चावल, खिचडी, छाछ, पका केला, सेब देना चाहिए । दूध नहीं देना चाहिए जायफल पानी में घिसकर दिन में तीन बार पिलाने से दस्त बन्द हो जाते है।
पीलिया – गन्ने का रस, रसदार फल या फल का रस, गुलुकोज देना चाहिए।
मस्से (warts) – शरीर पर कहीं भी मस्से हो जाते हैं, होम्योपेथी ओषधि लेने से मस्से सुख कर गिर जाते हैं । पनवाडी जो चूना पान में लगाता है वह चार भाग, कपडा धोने का छोडा
खार एक भाग किसी कांच की शीशी में डालकर हिलावें और डाट लगाकर रख दें । डाट प्लास्टिक या कांच की होनी चाहिए। लोहे की डाट नहीं लगानी चाहिय । लोहे की डाट कुछ दिन में गल जाती है । इस घोल में फुरेरी बनाकर मस्से पर लगायें । एक-दो दिन में तो दो बार लगाने से मस्सा सुख जाता है । फिर पापड़ी की तरह उतर जाता है, इसे मस्से पर ही लगाना चाहिए, अन्य त्वचा पर लगाने से घाव हो जाते हैं । इस घोल को लगाने से मस्से गिर जाते है, लेकिन कभी-कभी पुना निकल आते हैं । इसके लिए 20 दिन होम्योपैथिक दवा थूजा- 200 की एक खुराक हर तीसरे दिन लेते रहना चाहिए ।
foods not to eat hindi article
पामा, छाजन, एकजिमा (Eczema), दाद, खाज, फोड़े, फुन्सी…तेल की बनी चीजें, चाय न लें । पालक, मूली के पत्ते, प्याज, टमाटर, गाजर . अमरूद, पपीता खिलायें । पेट पर मिट्टी लगायें ।
आँखों कीं दुर्बलता – वनस्पति घी न खायें ।
मधुमेह (Diabetes) – केला, चीनी, गुड़ एंव मीठी चीजें न ले ।
गठिया – पालक, केला, आलू न लें ।
अम्लता (Acidity) – अचार न लें ।
लकवा (Paralysis) – मीठा न खाये ।
व्रण (Ulcer) – नीबू, नारंगी, खट्टे फल न लें ।
यकर्त (Liver) – शराब, चीनी, बिस्कुट, घी, तेल की बनी चीजें न लें ।
छोटी माता (चेचक) (Chicken Pox) – भोजन में दूध, अंगूर, अनार, मौसमी आदि मीठे रसदार फल लें ।
घाव – फोड़े होने पर नमक कम लें ।
ग्रध्रसी (Sciatica) – दही, केला, चावल, मूली, आलू तथा खट्टी चीजें, जैसे – इमली, आचार, टमाटर, उड़द, चने की दाल, ठंडे पदार्थ सेवन करना हानिकारक है ।
पथरी – गर्मी के मौसम में पैदा होने वाली सब्जियाँ, फल अधिक खाने चाहिए।
खांसी , दमा,केंसर, टी.बी. – बीडी, सिगरेट, तम्बाकू न लें तथा चिन्ताएँ त्यागें ।
उच्च रक्तचाप – नमक ना लें ।
निम्न रक्तचाप – नमक लें ।
जुकाम (Catarrh) – घी तेल की बनी चीजें न लें ।
खुजली – निम्बू और चमेली का तेल समान मात्रा में मिलाकर मालिश करने से सुखी औरबरसाती खुजली मिट जाती हे । चर्म रोगों में नमक कम खाएँ