जानें ओजोन छिद्र के बारे में

Ozone Hole

हम सभी सूर्य (Sun) की पूजा करते हें और हमारा अडिग विश्वास हे कि पृथ्वी पर जीवन प्रकृति को एक अदूभुत्त देन हे जिसमें सूर्य का योगदान प्रधान एवं अद्वितीय है। भारत में तो सूर्य को देवता (God) मान कर उसकी पूजा होती है और हम देखते हैँ कि स्नान एव ईश्वर का ध्यान कर प्राय: लोग सूर्य को जल चढाते हैँ । यह देखकर वैज्ञानिकों को हेरत तो अवश्य होतीं है, जेसा मैंने स्वयं देखा है । समाज का एक बहूत बड़ा भाग जो अपने विवेक से प्रकृति एव परमात्मा में अन्तर नहीं समझ पाना, उसका यह विश्वास होता है कि सूर्य भगवान है जो हम सभी को जीवन प्रदान करता है। यह एक गूढ़ प्रश्न हे जहां विज्ञान भी बौना हो जाता हे और वैज्ञानिक इस प्रश्न का उत्तर देकर भी अपने आप को संतुष्ट नहीं कर पाते हैं। ऐसी दशा में इश्वर के प्रति आस्था और उसकी पूजा क संबंध में बड़े से बडा वैज्ञानिक (large scientist) भी अपने आप को असमर्थ पाता हे

हम सभी को ज्ञात हे कि सूर्यं जनित अनेक प्रकार की किरणे पृथ्वी के वायुमण्डल तक पहुंचती हैं। यदि ये किरणे बिना किसी रुकावट के पृथ्वी तक पहुंच जाएं तो जन-जीवन और पोधों का विनाश हो सकता है। यहीँ प्रकृति की विलक्षणता स्पष्ट दिखती है कि जन-जीवन की रक्षा के लिये ही ओजोन (0³)  (Ozone layer) नामक अवयव की संरचना हुई। ओजोन (0³) की परत दिनमे प्रबल हो जाती हे जोकि सूर्यं के विनाशकारी विकिरण (Destructive radiation) को सोख लेती है। इस प्रकार पृथ्वी की सतह पर जन-जीवन एंव वनस्पति जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पढ़ता है। यह सचमुच एक अद्वितीय उदाहरण हे की पृथ्वी एंव सूर्य किस प्रकार हमारी रक्षा करते हैं। पृथ्वी की सतह पर जीवन रक्षक पदार्थों की संरचना एंव इसका अनुपात कुछ इस प्रकार का बनता रहता हे कि जीवन के विकास में कोई बाधा न डालकर जीवन का सामयिक विकास करता रहता हे  इन पदार्थों के अनुपात में किस प्रकार के परिवर्तन से पृथ्वी पर जनजीवन असमान्य हो जाता हे और फसलों का विनाश हो जाता है। यह पृथ्वी क वायुमंडल पर चतुर्दिक प्रभाव डालता हे परन्तु इसका प्रभाव सूर्य की स्थिति एंव दशा पर निर्भर करता हे दुनिया भर में सूर्य के विकीर्ण एंव पृथ्वी पर सूर्य की किरणों के आगमन का अध्यन होता रहता हे
जोकि मौसम की भविष्यवाणी के रूप मेँ उदूघोषित हुआ करता है और आने वाले समय के लिये इसकी भविष्यवाणी होती रहतीं है। आजकल भविष्यवाणी काफी हद तक सही सिद्ध होती हे जबकि कुछ समय पूर्व इस भविष्यवाणी पर कोई विश्वाश नहीं करता था और इसे मजाक के रूप मेँ लिया जाता था। अब मौसम की भविष्यवाणी पर विश्वाश कर किसान अपनी खेती करते हैँ और सदीं-गर्मी से बचाव का प्रबंधन भी समयानुसार करते रहते हैँ।
मौसम बिज्ञान की यह सफलता बडी लाभकारी सिद्ध हुई है।
वेज्ञानिक निष्कर्ष / scientist findings
(Science) विज्ञान के क्षेत्र में (ozone layer hole) ‘ओजोन होल’ यानी ‘ओजोन छिद्र’ एक सामयिक विषय है जिस पर वैज्ञानिकों की चर्चा हुआ करती है। यद्यपि इसके विषय में आज भी वैज्ञानिक पूर्ण रूप से जानकारी प्राप्त नहीं कर सके हैं I विज्ञान के छात्रो एंव दूसरे इच्छुक व्यक्तियों के लिये यह लेख लिखा गया है, आशा हे इसे पढ़ने कं पश्चात् पाठकगण अधिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे