फलों और सब्जियों के लाभ

जिनकी पाचन शक्ति कमजोर हो, उन्हें फल-सब्जीयों के रस में पानी मिलाकर पीना चाहिए । पानी मिलाकर पीने से रस पचने में हल्का हो जाता है । फल प्रात: भूखे पेट खाना अधिक उपयोगी है! रोग-निवारण में इससे अधिक सहायता मिलती है
फल-सब्जिर्यों का रस ताजा और कच्चा काम में लेना चाहिए। रसों से चिकित्सा धोरे-धीरे होती है और पूर्णता ठीक होने में लम्बा समय लगता है अन्य पदार्थों का उपयोग भी सहायक , चिकित्सा के रूप में कर सकते हैं । रस सुबह और दोपहर में पीना चाहिए । मौसम के अनुसार मिलने वाली सब्जियाँ, फल काम में लेनी चाहिए जहाँ तक हो शक्कर (SUGAR) अल्प मात्रा में लेमी चाहिए । हमारा शरीर स्वय खाए हुए अन्न से शक्कर बनाता है

छिलके

छिलके – जिस सब्जी का छिलका बहुत बड़ा न हो. वह सब्जी छिलके सहित ही खानी चाहिए । छिलकों में शक्ति भी होती है और पेट साफ़ रहता है, कब्ज नहीं होती । दाल छिलके सहित खानी चाहिए: फलों को छिलके सहित खाना चाहिए।
रोगी को औषधि के साथ-साथ रोगी की प्रकृति, अवस्था को देखते हुए यहाँ बताये हुए खाद पदार्थों का सेवन सहायक चिकित्सा के रूप में उपयोगी है । रोगी अगर हन खाद्य पदार्थों के सेवन से हानि प्राप्त करता है तो उसे उसका सेवन बन्द कर देना चाहिए।
शाकाहारी भोजन – भारत उष्ण प्रधान देश है । यहाँ गर्मी अधिक पड़ती है । इसलिए यहाँ ठंड पोहचाने वाले भोजन की आवश्यकता है और शाकाहारी भोजन ठंड पहुंचाता है । शराब पीना तो यंहा की जलवायु को देखते हुए स्वास्थ्य का सबसे बड़ा शत्रु हे ।