14 आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे भगाएं पेट की गेस को दूर


पेट में हवा भरने को आध्मान , उदर-वायु, अफारा आना, गेस भरना, गेस बनना , वायु इकठी होना कहते हें, उदर वायु एक एसी इस्थिति हे जिसमें पेट में वायु इकठ्ठी होती हे , पेट में वायु (Gas) कब्ज के कारण इकठ्ठी होती हे, कभी ह्रदय में फड फडाहट (Fluttering) होने लगती हे और लोग इसे ह्रदय रोग समझ लेते हें, यह पेट की खराबी से होता हे, कभी पेट सख्त हो जाता हे ,

स्वस्थ रहने के लिए सब्जी में मसाले भी होने जरूरी हें, प्राय: हल्दी, नमक, धनिया, मिर्च आदि मसाले के रूप में प्रयोग किये ही जाते हें। हींग भ्रूनकर सेवन करने से वायु (वात) प्रक्रति,जीरा पित प्रक्रति एव गर्म मसाले कफ प्रकृति को ठीक रखते है रूखा भोजन वायु को बढाता हे पेट में वायु (Gas formation) अधिक रूखे भोजन के कारण बनती है

कुछ घरेलू नुशखे 
जीरा…
जीरा सेक कर, पीस कर एक चम्मच जीरा, एक चम्मच शहद में मिलाकर नित्य खाना खाने के बाद चाटें।

काली मिर्च 
दस काली मिर्च पीस ले। गर्म पानी में नीबू निचोड़ कर सुबह-शाम इसकी फकीं लें। इससे गेस आना बन्द हो जायेगा।

धनिया
दो चम्मच सूखा धनिया एक गिलास पानी में उबाल कर छान कर उस पानी को तीन बार बराबर मात्रा में पीये।

दालचीनी
गेस से पेट दर्द को यह नष्ट करती है । इसे अल्प मात्रा में ही लें, अधिक मात्रा मैं नुक्सान करती है।


सहजन
पेट में वायु-संचय में सहज़न की सब्जी (फूल या फली की) लाभदायक है।

साँस 
भोजन के बाद सीधे लेटकर आठ लम्बे साँस लें, फिर दाहिनी करवट लेटकर सोलह साँसलै और अन्त में बायीं करवट लेटकर 32 लम्बे साँस लें।इस क्रिया से किया गया भोजन यथा स्थान पहोंच जाएगा । गैस मुँह से डकार के रूप में या गुदा से अपान वायु के रूप में उसी समय निकल जाती है । यह छोटा-सा नुस्खा सदा अपने तकिये के पास लिखा दुआ रखे और यह किया करें, गेस से बचे रहे।

लोंग
5 लौग पीसकर उबलते हुए आधा कप पानी में डाले, फिर कुछ ठण्डा होने पर पीये। इस प्रकार तीन बार नित्य पिये। गैस निक्ल जायेगी।

हींग 
हीँग को गर्म पानी में घोलकर नाभि के आसपास लेप करें तथा एक ग्राम हींग भूनकर किसी भी चीज के साथ खाने से लाभ होता है। यदि पेट-दर्द गेस भरने से हो तो दो ग्राम हिंग आधा किलो पानी में उबालें। चौथाई पानी रहने पर गर्म-गर्म पीयें।

अजवाइन
6 ग्राम पिसी हुई अजवाइन में डेढ़ ग्राम काला नमक मिलाकर भोजन के बाद गरम पानी से लेने से अफारा मीटता है। अजवाइन पेट की वायु को बाहर निकालती है। भोजन में किसी भी रूप में अजवाइन लेनी चाहिए।

बेंगन
पेट में गैस बनती हो, पानी पीने के बाद पेट इस प्रकार फूलता है, जेसे फुटबाल में हवा भर जाती है । ताजा लम्बे वैगन की सब्जी जब तक मौसम में बैगन रहे, खाते रहे। इससे गैस की बीमारी छू हो जायेगी।

पोदीना
प्रात काल  एक गिलास जल में 25 ग्राम पीदीने का रस, 31 ग्राम शहद मिलाकर पीने से गैस की बीमारी में विशेष लाभ होता है।

मेथी
मेथी का शाक गैस में लाभ करता है । दाना मेथी, अर्जुन की छाल, केर, आँवला समान  मात्रा में पिसलें 1-1 चमच ठंडे पानी से प्रात: खाली पेट फंकी लेने से पेट की गेस , पेट का भारीपन ठीक होता हे और शरीर में हल्का पं लगता हे

दूध
उबालते समय उसमें एक पीपल डालकर दूध पीने से वायु नहीं बनती।

अदरक  
4 ग्राम अदरक बारीक काटकर थोडा-सा नमक लगाकर दिन में एक बार 10 दिन भोजन से पहले खायें। इससे पेट की गेस दूर होगी।