Shashankasana (शशांकासन) और आपका स्वास्थ्य


1:-  Shashankasana (शशांकासन) धीरे धीरे दाहिने पैर को मोड़ कर पीछे ले जाएँ, और नितम्ब के निचे स्थापित करें, इसी प्रकार बाएं पैर को भी लायें, दोनों हाथों को आपस में मिलाएं
2:- अब स्वांस भरते हुए दोनों हाथों को उपर ले जाएँ, स्वांस छोड़ते हुए निचे झुकें, मस्तक को जमीन पर लगायें हाथ मिले हुए रहें

3:- स्वांस भरते हुए वापस उपर लाएं

4:- स्वांस छोड़ते हुए हाथों को निचे लायें और विश्राम करें  

लाभ:- 

1:- इस आसन से स्मरण शक्ति बढती हे

2:- क्रोध शांत होता हे, रक्त चाप सामान्य होता हे

3:- मानशिक शांति प्राप्त होती हे

चेतावनी

कोई भी ASANA (आसन) या PRANAYAM (प्राणायाम) किसी गुरु की देख रेख में ही करें वरना फायेदे के बजाये हानि भी हो सकती हे 

जरा इसे भी देखें – Supta Vajrasana