वह धनबाद में तस्करों के लिए खौफ का कारण बनी रहीं।

पिता को बताए बिना यूपीएससी की परीक्षा दी और पास होकर आईपीएस बन गईं।  अगले नौ महीने इंसास, थ्री नॉट थ्री, पिस्टल आदि हथियारों से जमकर फायरिंग की प्रैक्टिस की।  सुमन की पहली पोस्टिंग हुई गया के नक्सली इलाके में,  जहां थोड़े ही समय पहले नरसंहार हुआ था।  वह टीम के साथ मौके पर पहुंची तो हिंसक भीड़ ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी।  सुमन ने जवाबी फायरिंग की। कुछ ही समय में भीड़ तीतर-बितर हो गई।   इसके बाद एक अन्य घटना में जंगल में नक्सली घात लगाकर बैठे थे। सुमन की टीम पर हमला हुआ तो साथी अफसर पीछे हटने लगे,  लेकिन वह आगे बढ़ती रहीं। अंधेरा होने के कारण आवाज की दिशा में फायरिंग की। मुठभेड़ में कुछ नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली।  वह कहती हैं धनबाद में कोई पुरुष अधिकारी भी पोस्टिंग लेने से कतराता था, तब भी वह धनबाद में तस्करों के लिए खौफ का कारण बनी रहीं।   महिला दिवस की शुभकामनाएं ....   Via : @[212771912128701:274:स्वर्णिम हिंद का स्वर्णिम स्वप्न]  @[249847668462241:274:शंखनाद धर्म और राजनीति]

पिता को बताए बिना यूपीएससी की परीक्षा दी और पास होकर आईपीएस बन गईं।
अगले नौ महीने इंसास, थ्री नॉट थ्री, पिस्टल आदि हथियारों से जमकर फायरिंग की प्रैक्टिस की।

सुमन की पहली पोस्टिंग हुई गया के नक्सली इलाके में,
जहां थोड़े ही समय पहले नरसंहार हुआ था।
वह टीम के साथ मौके पर पहुंची तो हिंसक भीड़ ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी।
सुमन ने जवाबी फायरिंग की। कुछ ही समय में भीड़ तीतर-बितर हो गई।

इसके बाद एक अन्य घटना में जंगल में नक्सली घात लगाकर बैठे थे। सुमन की टीम पर हमला हुआ तो साथी अफसर पीछे हटने लगे,
लेकिन वह आगे बढ़ती रहीं। अंधेरा होने के कारण आवाज की दिशा में फायरिंग की। मुठभेड़ में कुछ नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली।
वह कहती हैं धनबाद में कोई पुरुष अधिकारी भी पोस्टिंग लेने से कतराता था,
तब भी वह धनबाद में तस्करों के लिए खौफ का कारण बनी रहीं।