महाकुंभ में इन दिनों एक पत्थर पूरे मेलें में सुर्खियां बटोर रहा है। इस अद्भुत पत्थर पर प्रभु राम का नाम भी लिखा गया है।

अदभुत

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महाकुंभ में इन दिनों एक पत्थर पूरे मेलें में सुर्खियां बटोर रहा है।
इसे लाने वाले महात्मा की मानें तो यह वही पत्थर है, जिन्हें समुद्र पर सेतु बनाने के लिए भगवान राम की सेना ने इस्तेमाल किया गया था।
कुंभ नगरी के जूना अखाड़े में एक बड़े से कुंड में यह विशेष पत्थर रखा गया है। कुंड में पत्थर डालने पर वह डूबता नहीं, बल्कि फूल की तरह तैरने लगता हैं। भक्तों को यकीन है कि इसके पीछे भगवान राम की लीला है।
जूना अखाड़ा में रखे इस पत्थर को देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
हर रोज़ सैंकड़ों लोग इस विशेष पत्थर को देखने के लिए पहुँच रहें है।
मंदिर के महंत की मानें तों यह वही पत्थर जिस का इस्तेमाल नल और नील ने प्रभु राम के आदेश के बाद सेतु निर्माण के लिए किया था। फिलहाल इस पत्थर को एक बड़े से बर्तन में रखा गया है।
बर्तन में पानी भरा हुआ है और उस पानी में यह पत्थर आसानी से तैर रहा है और इस अद्भुत पत्थर पर प्रभु राम का नाम भी लिखा गया है।
महंत हरि गिरि महाराज का कहना है कि इस पत्थर को उन के गुरु के गुरु, अपने गुरु से कई सौ साल पहले लेकर आए और अब यह जूना अखाड़े की संपत्ति है।
अगर इस बड़े से पत्थर को पानी से बाहर निकाला जाए, तब इस के असली वजन का एहसास होता है।
करीब 25 किलो वजन का यह पत्थर पानी में डालते ही तैरने लगता है। हर दिन इस अद्भुत पत्थर को देखने के लिए भक्त आ रहे है। पानी में तैरने वाली नाव की तरह तैर रहे इस पत्थर को जूना अखाड़े के ठीक द्वार पर लगाया गया है। राम नाम के इस पत्थर को लोग चमत्कार के रूप में देख रहे हैं।
पत्थर को देखने के साथ ही कई लोग उस पर पैसे भी चढ़ा रहे हैं। कई श्रद्धालु इस पत्थर की पूजा भी कर रहे हैं। कौतूहल वश इसे छूते हैं और डूबाने की कोशिश भी करते हैं लेकिन पत्थर बर्तन के तल में जाकर तत्काल फिर ऊपर आ जाता है

6 thoughts on “महाकुंभ में इन दिनों एक पत्थर पूरे मेलें में सुर्खियां बटोर रहा है। इस अद्भुत पत्थर पर प्रभु राम का नाम भी लिखा गया है।

  1. Kuldeep Sing

    आप की ये खूबसूरत रचना शुकरवार यानी 8 फरवरी की नई पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही है…
    आप भी इस हलचल में आकर इस की शोभा पढ़ाएं।
    भूलना मत

    htp://www.nayi-purani-halchal.blogspot.com
    इस संदर्भ में आप के सुझावों का स्वागत है।

    सूचनार्थ।

  2. रविकर

    पत्थर पानी में पड़ा, करे तैर अवगाह |
    राम-सेतु का अंश सुन, खफा हो रहे शाह |

    खफा हो रहे शाह, करे पड़ताल मर्म की |
    बढ़े अंध-विश्वास, हुई है हँसी धर्म की |

    किन्तु कभी तो अक्ल, दूर दिल से रख रविकर |
    देख कठौती गंग, लिंग-शिव प्युमिस पत्थर ||

  3. प्रवीण शाह

    .
    .
    .
    धर्म का मजाक उड़ाया जा रहा है यहाँ, यह बेवकूफी का उत्सव है…इसमें नया क्या है, साफ दिख रहा है कि Pumice stone है जो पानी में तैरता ही है… क्यों, देखिये यहाँ पर…

    http://humantouchofchemistry.com/why-do-pumice-stones-float-in-water.htm

    और कभी कभी इन पत्थरों के तैरते हुऐ द्वीप भी दिखते हैं…

    http://www.hoax-slayer.com/new-pacific-island.shtml

    … 🙂

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