Chanakya,,,,,,, जब आत्मा के तार जुड़ जाएँ

           Chanakya……..
“जिस्स्से आत्मा  के  तार  जुड़  जाते  हैं , फिर  उसे  देखने
    के  लिए  आँखों  की  आवश्यकता  नहीं  पड़ती ….”- चाणक्य
 जेय माँ भारती                                         जेय माँ भारती    

One thought on “Chanakya,,,,,,, जब आत्मा के तार जुड़ जाएँ

  1. रविकर फैजाबादी

    रविकर चर्चा मंच पर, गाफिल भटकत जाय |
    विदुषी किंवा विदुष गण, कोई तो समझाय ||

    सोमवारीय चर्चा मंच / गाफिल का स्थानापन्न

    charchamanch.blogspot.in

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