हमारे महान संत परमहंस योगानंद जी हमारे भारत के (पुरे संसार के ) महान संतो में से एक हेl

रमहंस योगानंद जी हमारे भारत के (पुरे संसार के ) महान संतो में से एक हेl योगानंद जी का जनम 5 जनवरी 1893 गोरखपुर , उत्तर प्रदेश , भारत में हुआ 7 मार्च 1952 को इन्होने अपनी इछासे महासमाधि द्वारा अपना शरीर छोड़ दिया l योगानंद जी बचपन से ही अध्यात्मिक परवर्ती के व्यक्ति थे l इनके जन्म का नाम मुकुंद लाल घोष था l इनके गुरु श्री युक्तेस्वर गिरि थे l योगनद जी ने अपने महान गुरु श्री श्री युक्तेस्वर गिरिजी से क्रिया योग की दीक्षा ली क्रिया योग अपने भारत के महान ऋषियों की महान खोज हे l और पढ़ें

2 thoughts on “हमारे महान संत परमहंस योगानंद जी हमारे भारत के (पुरे संसार के ) महान संतो में से एक हेl

  1. DR. ANWER JAMAL

    मैंने परमहंस जी की आत्मकथा 'योगी कथामृतम' अब से २५ साल पहले पढी थी . मैं उन्हें पसंद करता हूँ .
    पुस्तक के अंत में उन्होंने अपना एक अनुभव भी लिखा है कि कैसे उन्होंने अपनी आत्मा की गहराई से हज़रात ईसा मसीह को तड़प कर पुकारा और उनसे उनकी मुलाक़ात हुई . उनकी यह किताब जो कोई भी पढ़ेगा उसे कुछ न कुछ नया जानने को मिलेगा. ऐसी किताबें पढ़कर ही मेरा झुकाव बचपन से ही योग कि तरफ हो गया था और मैं संन्यास लेकर हिमालय पर जाने और साधना करने के बारे में सोचने लगा था .
    http://vedquran.blogspot.com/2010/04/way-to-god.html

  2. अमीत तोमर

    मित्र सची साधना तो समाज में रह कर ही हो सकती हे इसीलिए हमारे महान संतो ने हमें ये बात बताई हे ताकि लोग भटके नहीं

Comments are closed.