श्री सत्य साई बाबा जी जिनहोने निस्वार्थ भाव से सबसे प्रेम किया

सबको पता है श्री सत्य साई बाबा जी जिनहोने पूरी मानवता की बहुत बड़ी सेवा की जो दया करुणा, वात्सल्य की प्रतिमूर्ति थे और उनके जाने से केवल साई भक्तो की व भारत की या हमारे संत परंपरा की ही नहीं सम्पूर्ण मानवता की अपूर्णिया क्षति हुई है। ऐसे महमानव ने निस्वार्थ भाव से सबसे प्रेम किया, सब की सेवा की, शिक्षा, चिकित्सा और अनेक जनकल्याण के कार्यों को पूरा किया। यद्यपि उनके अवसान के तुरंत बाद ही चरो और से संपत्ति की बात चलती है तो मन को पीड़ा होती है। याद रखो संतो के पास जो संपत्ति होती है बह बिलासिता के लिए नहीं बह सेवा के लिए होती है। और बैसा ही काम बहा से हुआ। और जो काम सरकारे नहीं करपाई बह काम श्री सत्य साई बाबा जी के संस्थान ने किया। देश के जनता ने जो सहयोग दिया बह सरकार के ऊपर ट्रस्ट करके नहीं दिया, श्री सत्य साई बाबा जी के संस्थान के ऊपर ट्रस्ट करके दिया है इसीलिए सरकार के नियंत्रण की प्रश्न ही नहीं है।